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Flight Ticket Cancellation Rules 2026: अब टिकट कैंसिल करना हुआ आसान, जानें नए नियम और रिफंड प्रक्रिया

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अगर आप अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं या कभी जल्दबाजी में टिकट बुक करके बाद में पछताए हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। भारत में हवाई यात्रा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को टिकट कैंसिल करने और रिफंड पाने में अब पहले से ज्यादा सुविधा मिलने वाली है।
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नए नियमों के तहत यात्रियों को एक खास समय दिया जा रहा है, जिसमें वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी टिकट रद्द या संशोधित कर सकते हैं।

क्या बदले हैं फ्लाइट टिकट कैंसिलेशन के नियम?

नए नियमों के अनुसार, अब यात्री टिकट बुक करने के बाद 48 घंटे के भीतर उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कैंसिल या बदल सकते हैं।


इस सुविधा को “लुक-इन पीरियड” कहा जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अगर आपने गलती से टिकट बुक कर लिया या प्लान बदल गया, तो आपके पास दो दिन का समय होगा, जिसमें आप बिना पेनल्टी के फैसला बदल सकते हैं।

हालांकि, अगर आप टिकट में बदलाव करते हैं, तो नई फ्लाइट के किराए के अनुसार अंतर राशि देनी पड़ सकती है।


किन मामलों में नहीं मिलेगा फायदा?

यह सुविधा हर स्थिति में लागू नहीं होगी। कुछ शर्तें भी तय की गई हैं:

  • अगर फ्लाइट की तारीख बहुत नजदीक है
  • घरेलू उड़ानों के लिए अगर यात्रा 7 दिन के भीतर है
  • अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 15 दिन के भीतर की बुकिंग
ऐसे मामलों में 48 घंटे वाला फ्री कैंसिलेशन नियम लागू नहीं होगा।

इसलिए टिकट बुक करते समय यात्रा की तारीख जरूर ध्यान में रखें।

नाम में गलती? अब नहीं लगेगा चार्ज

नए नियमों में एक और बड़ी राहत दी गई है।


अगर आपने टिकट बुक करते समय नाम में छोटी गलती कर दी है, तो उसे 24 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ठीक किया जा सकता है।

यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो जल्दबाजी में बुकिंग करते हैं।

रिफंड कब मिलेगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पैसा कितनी जल्दी वापस मिलेगा।

नियमों के मुताबिक, एयरलाइंस को टिकट कैंसिलेशन के बाद 14 कार्य दिवस के भीतर रिफंड देना अनिवार्य किया गया है।

यानी भले ही कुछ मामलों में आपको तुरंत पैसा न मिले, लेकिन अब रिफंड में अनावश्यक देरी नहीं की जा सकेगी।

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मेडिकल इमरजेंसी में भी राहत

अगर किसी यात्री या उसके परिवार के सदस्य को अचानक मेडिकल इमरजेंसी हो जाती है, तो ऐसे मामलों में भी एयरलाइंस को लचीला रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसी स्थिति में यात्रियों को या तो रिफंड या क्रेडिट शेल देने का विकल्प दिया जा सकता है।

यह बदलाव यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

क्यों किए गए ये बदलाव?

पिछले कुछ समय से यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं, खासकर रिफंड में देरी और कैंसिलेशन चार्ज को लेकर।

इसी को देखते हुए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने नियमों को अपडेट किया, ताकि यात्रियों को ज्यादा पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।


इन बदलावों का मकसद साफ है:

  • यात्रियों को राहत देना
  • बुकिंग प्रक्रिया को लचीला बनाना
  • एयरलाइंस की जवाबदेही तय करना

यात्रियों के लिए क्या है सलाह?

अगर आप फ्लाइट टिकट बुक कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें:

  • बुकिंग के बाद तुरंत डिटेल्स चेक करें
  • अगर प्लान बदलना हो, तो 48 घंटे के अंदर फैसला लें
  • यात्रा की तारीख और शर्तें जरूर समझें
  • रिफंड पॉलिसी पहले पढ़ लें

फ्लाइट टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नए नियम यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। अब बिना सोचे-समझे टिकट बुक करने का डर थोड़ा कम हो गया है, क्योंकि आपके पास गलती सुधारने का समय है।

हालांकि, नियमों के साथ शर्तें भी जुड़ी हैं, इसलिए पूरी जानकारी के साथ ही टिकट बुक करना सबसे बेहतर रहेगा।

अगर आप समझदारी से इन नियमों का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी यात्रा और भी आसान और तनावमुक्त हो सकती है।


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