इनकम टैक्स नियम 2026: अब 10 लाख से ऊपर के बैंक लेनदेन पर ही जरूरी होगा पैन कार्ड
अगर आप नई कार खरीदने, शादी के लिए होटल बुक करने या बैंक में बड़ी रकम जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर खास आपके लिए है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू करने की पूरी तैयारी में है। इस नए कानून में पैन कार्ड की अनिवार्यता से जुड़े नियमों में क्रांतिकारी बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीडीटी (CBDT) मार्च के पहले हफ्ते तक इन नए नियमों के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य करदाताओं को कागजी कार्रवाई के बोझ से राहत देना और मौजूदा महंगाई को देखते हुए नियमों को अपडेट करना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये बदलाव आपकी जेब और रोजमर्रा के लेन-देन को कैसे प्रभावित करेंगे।
बैंकों में नकद जमा और निकासी
कारोबारियों और आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर आई है। नए कानून के तहत, अब एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा या निकासी के लिए ही पैन कार्ड अनिवार्य होगा। पहले एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक जमा करने पर पैन कार्ड की आवश्यकता होती थी, जिससे छोटे व्यापारियों और घरेलू बचत रखने वाली महिलाओं को काफी असुविधा होती थी। सरकार के इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा और मध्यम वर्ग को बार-बार पैन कार्ड दिखाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
कार और बाइक की खरीदारी
अगर आप बजट कार या प्रीमियम बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको हर शोरूम पर पैन कार्ड की कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। नए प्रावधानों के तहत, 5 लाख रुपये से कम कीमत वाले किसी भी वाहन की खरीद के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। वर्तमान में हर मोटर वाहन की खरीद के लिए पैन कार्ड जरूरी है। सरकार का मानना है कि इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग बढ़ेगी और मध्यम वर्ग के लिए वाहन खरीदना आसान हो जाएगा।
होटल बिल और इवेंट मैनेजमेंट
शादी-ब्याह के सीजन में बड़े होटल बुकिंग और इवेंट मैनेजमेंट बिलों के लिए पैन कार्ड की सीमा बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार, पैन कार्ड तभी जरूरी होगा जब होटल, रेस्टोरेंट या इवेंट मैनेजमेंट का बिल 1 लाख रुपये से अधिक हो। पहले यह सीमा केवल 50,000 रुपये थी, जो आज की महंगाई के दौर में बहुत कम लगती थी। अब आप बिना किसी डर के पारिवारिक आयोजनों का आनंद ले सकते हैं और छोटे बिलों के लिए पैन कार्ड की चिंता से मुक्त रह सकते हैं।
प्रॉपर्टी डील्स और रियल एस्टेट
सरकार ने जमीन खरीदने-बेचने या गिफ्ट डीड जारी करने वालों के प्रति भी उदारता दिखाई है। रियल एस्टेट लेनदेन के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इससे छोटे प्लॉट या मकान खरीदने वाले कम और मध्यम आय वाले लोगों को रजिस्ट्री की कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी।
नौकरीपेशा वर्ग के लिए खास तोहफा
नए कानून में वेतनभोगी वर्ग के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकारी या कंपनी की कारों का उपयोग करने वाले कर्मचारियों के लिए ड्राइवर के खर्च सहित 8,000 से 10,000 रुपये प्रति माह के कार भत्ते का प्रस्ताव है। इसके अलावा, फ्री मील के नियमों में भी सकारात्मक बदलाव किए गए हैं ताकि कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर बोझ कम हो सके। वहीं दूसरी ओर, सरकार ने क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी के लिए रिपोर्टिंग नियमों को सख्त किया है और CBDC को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मोड के रूप में मान्यता दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीडीटी (CBDT) मार्च के पहले हफ्ते तक इन नए नियमों के संबंध में अधिसूचना जारी कर सकता है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य करदाताओं को कागजी कार्रवाई के बोझ से राहत देना और मौजूदा महंगाई को देखते हुए नियमों को अपडेट करना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये बदलाव आपकी जेब और रोजमर्रा के लेन-देन को कैसे प्रभावित करेंगे।
बैंकों में नकद जमा और निकासी
कारोबारियों और आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर आई है। नए कानून के तहत, अब एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा या निकासी के लिए ही पैन कार्ड अनिवार्य होगा। पहले एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक जमा करने पर पैन कार्ड की आवश्यकता होती थी, जिससे छोटे व्यापारियों और घरेलू बचत रखने वाली महिलाओं को काफी असुविधा होती थी। सरकार के इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा और मध्यम वर्ग को बार-बार पैन कार्ड दिखाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।कार और बाइक की खरीदारी
अगर आप बजट कार या प्रीमियम बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको हर शोरूम पर पैन कार्ड की कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। नए प्रावधानों के तहत, 5 लाख रुपये से कम कीमत वाले किसी भी वाहन की खरीद के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। वर्तमान में हर मोटर वाहन की खरीद के लिए पैन कार्ड जरूरी है। सरकार का मानना है कि इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग बढ़ेगी और मध्यम वर्ग के लिए वाहन खरीदना आसान हो जाएगा। होटल बिल और इवेंट मैनेजमेंट
शादी-ब्याह के सीजन में बड़े होटल बुकिंग और इवेंट मैनेजमेंट बिलों के लिए पैन कार्ड की सीमा बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार, पैन कार्ड तभी जरूरी होगा जब होटल, रेस्टोरेंट या इवेंट मैनेजमेंट का बिल 1 लाख रुपये से अधिक हो। पहले यह सीमा केवल 50,000 रुपये थी, जो आज की महंगाई के दौर में बहुत कम लगती थी। अब आप बिना किसी डर के पारिवारिक आयोजनों का आनंद ले सकते हैं और छोटे बिलों के लिए पैन कार्ड की चिंता से मुक्त रह सकते हैं।प्रॉपर्टी डील्स और रियल एस्टेट
सरकार ने जमीन खरीदने-बेचने या गिफ्ट डीड जारी करने वालों के प्रति भी उदारता दिखाई है। रियल एस्टेट लेनदेन के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इससे छोटे प्लॉट या मकान खरीदने वाले कम और मध्यम आय वाले लोगों को रजिस्ट्री की कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी। नौकरीपेशा वर्ग के लिए खास तोहफा
नए कानून में वेतनभोगी वर्ग के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकारी या कंपनी की कारों का उपयोग करने वाले कर्मचारियों के लिए ड्राइवर के खर्च सहित 8,000 से 10,000 रुपये प्रति माह के कार भत्ते का प्रस्ताव है। इसके अलावा, फ्री मील के नियमों में भी सकारात्मक बदलाव किए गए हैं ताकि कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर बोझ कम हो सके। वहीं दूसरी ओर, सरकार ने क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी के लिए रिपोर्टिंग नियमों को सख्त किया है और CBDC को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मोड के रूप में मान्यता दी है। Next Story