हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने की कीमतों में ₹1,500 से अधिक की बड़ी गिरावट
भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला उलटफेर देखने को मिला है। शादियों के इस सीजन और त्योहारी आहट के बीच कीमती धातुओं के बाजार में आई इस उथल-पुथल ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को ही हैरान कर दिया है। जहाँ एक तरफ निवेशकों के सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में जाने जाने वाले सोने (Gold Price Today) की चमक फीकी पड़ी है और इसके दाम में ₹1,500 प्रति 10 ग्राम से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक मांग और निवेशकों के रुझान के चलते चांदी (Silver Price Today) की कीमतों में ₹1,100 प्रति किलोग्राम से अधिक की जोरदार उछाल आई है।
सोमवार को बाजार खुलते ही जब सोने के नए रेट्स सामने आए, तो खरीदारों के चेहरे पर राहत साफ नजर आई क्योंकि रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में बड़ा करेक्शन देखने को मिला है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट के जानकारों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दरों के रुख को लेकर निवेशकों की मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण सोने की कीमतों में यह गिरावट आई है।
सोने के विपरीत, चांदी की कीमतों में ₹1,100 से अधिक की तेजी ने यह साबित कर दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों (Industrial Sectors) में चांदी की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और उत्तर प्रदेश के सराफा बाजारों में सोने और चांदी की इन बदली हुई चाल का सीधा असर खुदरा ग्राहकों पर पड़ता दिख रहा है। आभूषण विक्रेताओं का कहना है कि कीमतों में आई इस गिरावट के बाद बाजार में ग्राहकों की पूछताछ और बुकिंग बढ़ गई है, क्योंकि लोग आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन के लिए एडवांस खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि कमोडिटी मार्केट में यह अस्थिरता अभी कुछ और दिन बनी रह सकती है, इसलिए निवेशकों को बहुत ही सोच-समझकर और अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेकर ही निवेश करना चाहिए।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने में गिरावट और चांदी में तेजी का यह रुख आने वाले दिनों के बाजार का मिस्टर तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई के आंकड़े या केंद्रीय बैंकों की नीतियां बदलती हैं, तो कीमती धातुओं की यह चाल फिर से पलट सकती है। जो निवेशक सोने में लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का एक बेहतरीन मौका साबित हो सकती है।