LinkedIn पर घर बैठे छापें पैसा हर घंटे ₹14,000 कमाने का मौका, जानें क्या है AI लेबर मार्केटप्लेस
News India Live, Digital Desk : अगर आप वर्क फ्रॉम होम (WFH) के जरिए मोटी कमाई का जरिया तलाश रहे हैं, तो प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) आपके लिए एक क्रांतिकारी तोहफा लेकर आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एक “AI लेबर मार्केटप्लेस” का टेस्ट कर रही है, जहां यूजर्स को चैटबॉट्स ट्रेन करने के बदले भारी-भरकम भुगतान किया जाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि इस काम के लिए आपको प्रति घंटे ₹14,000 तक की सैलरी मिल सकती है।
यह नया फीचर उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है जो अपनी स्किल्स का इस्तेमाल एआई (AI) को बेहतर बनाने में करना चाहते हैं।सिर्फ इंजीनियर ही नहीं, नर्स और अकाउंटेंट भी बनेंगे 'AI ट्रेनर'अक्सर माना जाता है कि एआई से जुड़ी नौकरियां सिर्फ टेक एक्सपर्ट्स के लिए होती हैं, लेकिन लिंक्डइन का यह नया प्रयोग इस धारणा को तोड़ रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर कोडिंग के अलावा फाइनेंस, हेल्थकेयर, एक्सेल एक्सपर्ट्स और भाषा विशेषज्ञों (Language Experts) के लिए भी ढेरों मौके हैं।सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर: सबसे ज्यादा पेमेंट वाले रोल्स।एक्सेल और फाइनेंस प्रोफेशनल्स: करीब ₹9,300 प्रति घंटे तक की कमाई।रेड टीमिंग (Red Teaming): अगर आप एआई सिस्टम की कमियां ढूंढने में माहिर हैं, तो आपको ₹3,700 से ₹4,600 प्रति घंटे तक मिल सकते हैं।हेल्थकेयर और नर्स: मेडिकल डेटा को एआई के लिए सटीक बनाने के काम में भी बड़े अवसर हैं।सेलेक्शन प्रोसेस: सरकारी ID से लेकर AI इंटरव्यू तकइस हाई-पेइंग जॉब को पाने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है।इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी प्रोफाइल को सरकारी पहचान पत्र (ID) के जरिए वेरिफाई करना होगा। वेरिफिकेशन के बाद एक एआई-बेस्ड चैट इंटरव्यू होगा, जिसमें आपके अनुभव और हुनर को परखा जाएगा। अंत में, आपको कुछ टास्क दिए जाएंगे, जिनके आधार पर आपकी क्षमता का आकलन होगा। इस पूरी प्रक्रिया में Microsoft Azure OpenAI सर्विसेज की मदद ली जा रही है, जो आपकी एजुकेशन और लाइसेंस को ऑटोमैटिक चेक करता है।आखिर करना क्या होगा? जानें जॉब प्रोफाइलएक एआई ट्रेनर के रूप में आपका मुख्य काम चैटबॉट द्वारा दिए गए जवाबों की गुणवत्ता की जांच करना होगा।आपको यह देखना होगा कि एआई कोई गलत जानकारी तो नहीं दे रहा है। इसके अलावा, आपको जवाबों को रेटिंग देनी होगी, उनमें सुधार करना होगा और सिस्टम की खामियों को पहचानना होगा। आपके द्वारा दिए गए डेटा का उपयोग न केवल एआई को सुधारने के लिए, बल्कि आपकी अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल को और अधिक 'जॉब-रेडी' बनाने के लिए भी किया जाएगा।भारत में कब शुरू होगी यह सुविधा?भारतीय यूजर्स के लिए खुशखबरी यह है कि लिंक्डइन इस फीचर को धीरे-धीरे ग्लोबल स्तर पर रोलआउट कर रहा है। फिलहाल यह टेस्टिंग फेज में है और कुछ चुनिंदा प्रोफेशनल्स को इसके नोटिफिकेशन मिलने शुरू हो गए हैं।कंपनी का लक्ष्य इसे जल्द ही सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराना है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म पर काम शुरू करने से पहले डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा शर्तों को ध्यान से जरूर पढ़ लें।
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