सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा, एक्सिस बैंक समेत इन दिग्गज शेयरों में आई भारी गिरावट से निवेशकों की बढ़ी चिंता

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भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे दलाल स्ट्रीट पर पूरी तरह से भालू यानी बीयर हावी नजर आ रहे हैं। शुरुआती घंटों के कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों की गोता लगा चुका है, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लाल निशान के नीचे फिसल गया है और बाजार के तमाम प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली का दौर चल रहा है।

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इस तेज गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और घरेलू मोर्चे पर मुनाफावसूली को मुख्य वजह माना जा रहा है। बाजार के इस अचानक बदले मिजाज ने निवेशकों के चेहरों पर शिकन ला दी है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से जो रफ्तार देखने को मिल रही थी, उस पर अचानक से ब्रेक लग गया है।

बाजार में बिकवाली का तांडव और सेंसेक्स में भारी गिरावट के मुख्य कारण

जब से आज के कारोबारी सत्र की शुरुआत हुई है, बिकवाल पूरी तरह से हावी नजर आ रहे हैं और किसी भी स्तर पर खरीदार टिकने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

सेंसेक्स के 400 से ज्यादा अंक टूटने से निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही पलों में लाखों करोड़ रुपये का स्वाहा होना दर्ज किया गया है। जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के प्रमुख शेयर बाजारों में सुस्ती और महंगाई के मोर्चे पर चिंताएं अभी भी पूरी तरह टली नहीं हैं, जिसका सीधा मनोवैज्ञानिक असर घरेलू निवेशकों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, महीने के आखिरी एक्सपायरी और तकनीकी कारणों से भी बाजार में यह तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कोई बड़ा सकारात्मक ट्रिगर बाजार को नहीं मिलता, तब तक यह उठापटक और बिकवाली का दौर बीच-बीच में निवेशकों को परेशान करता रहेगा।

एक्सिस बैंक समेत इन दिग्गज शेयरों में जोरदार बिकवाली और धड़ाम हुए भाव

आज के इस कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ी है, जहां एक्सिस बैंक समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयर भारी दबाव में नजर आ रहे हैं। एक्सिस बैंक के शेयर में आई अचानक तेज गिरावट से बैंक निफ्टी भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है और निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली का जबरदस्त जोर देखा जा रहा है, जिससे चुनिंदा काउंटर लाल निशान में बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं या जिनके वैल्यूएशन को लेकर बाजार में चिंताएं थीं, वहां सबसे ज्यादा बिकवाली का दंश देखने को मिल रहा है। खुदरा निवेशकों के लिए यह स्थिति काफी पशोपेश भरी है क्योंकि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इस गिरते बाजार में अपने पोर्टफोलियो को कैसे सुरक्षित रखें।

तकनीकी दृष्टिकोण से बाजार का हाल और सपोर्ट लेवल्स की स्थिति

चार्ट पैटर्न और तकनीकी विश्लेषकों की मानें तो सेंसेक्स और निफ्टी अपने अहम सपोर्ट लेवल्स के आसपास संघर्ष कर रहे हैं, यदि यह स्तर टूटते हैं तो बिकवाली का दायरा और भी ज्यादा गहरा सकता है।

मौजूदा समय में मार्केट का सेंटिमेंट पूरी तरह से नकारात्मक बना हुआ है और हर हल्की तेजी पर निवेशक अपना मुनाफा वसूलने की फिराक में रहते हैं। ऐसे माहौल में किसी भी नए लॉन्ग पोजीशन को बनाने से पहले बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है क्योंकि बाजार कब किस करवट बैठ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि इस तरह की गिरावट के दौरान घबराहट में आकर अपने बेहतरीन क्वालिटी वाले शेयरों को बेचने की गलती बिल्कुल न करें, बल्कि बाजार के निचले स्तरों पर चुनिंदा खरीदारी के मौके तलाशें।

मंदी के इस दौर में निवेशकों के लिए आगे की क्या होनी चाहिए रणनीति

शेयर बाजार में इस तरह की गिरावट और उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है, क्योंकि यह मार्केट का एक स्वाभाविक हिस्सा है जो समय-समय पर निवेशकों की परीक्षा लेता रहता है। दलाल स्ट्रीट पर बीयर के कब्जे वाले इस दौर में लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य बनाए रखने की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। यदि आपके पास मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर हैं, तो शॉर्ट-चार्ट की इन गिरावटों से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि अनुशासित तरीके से एसआईपी या टुकड़ों में खरीदारी जारी रखनी चाहिए। वित्तीय विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि अपने पोर्टफोलियो को हमेशा डायवर्सिफाइड रखें ताकि किसी एक सेक्टर की गिरावट का असर आपके पूरे निवेश पर न पड़े और आप सुरक्षित तरीके से लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएट कर सकें।