ब्रेड की कीमतों में भारी वृद्धि: जानें इसके पीछे की वजहें
नई दिल्ली: देश में महंगाई की बढ़ती लहर अब आम जनता की जेब पर भी असर डालने लगी है। पेट्रोल, डीजल और दूध के बाद अब ब्रेड की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। मुंबई में प्रमुख ब्रेड निर्माताओं ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे उपभोक्ताओं को तिहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।
ब्रेड की कीमतों में वृद्धि
रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेड की कीमतों में 2 से 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों का कहना है कि प्लास्टिक पैकेजिंग, परिवहन और आयातित कच्चे माल की लागत में वृद्धि के कारण यह निर्णय लिया गया है। रुपये की गिरती कीमत ने भी आयात लागत को और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, 16 मई से मॉडर्न ब्रेड ने अपने बेसिक वेरिएंट की कीमतों में वृद्धि की है। अंधेरी के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में ब्रेड और दूध बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि मॉडर्न की 400 ग्राम सैंडविच ब्रेड की कीमत 40 रुपये से बढ़कर 45 रुपये हो गई है। होल व्हीट ब्रेड 55 रुपये से बढ़कर 60 रुपये और मल्टीग्रेन ब्रेड 60 रुपये से बढ़कर 65 रुपये हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि छोटी ब्राउन ब्रेड की कीमत 28 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो गई है, जबकि सफेद ब्रेड 20 रुपये से बढ़कर 22 रुपये हो गई है।
ब्रेड की कीमतों में वृद्धि के कारण
ब्रेड उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पैकेजिंग में उपयोग होने वाला प्लास्टिक और अन्य आवश्यक सामग्री महंगी हो गई हैं। कंपनियों का कहना है कि प्लास्टिक बैग बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक पाउडर आयात किया जाता है और उसकी कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।
परिवहन और कच्चे माल की लागत
कंपनी के मालिकों का कहना है कि परिवहन लागत संसाधनों पर एक बड़ा बोझ बन गई है। इसके अलावा, प्रिजर्वेटिव और नमक जैसी सामग्री भी महंगी हो गई हैं। प्लास्टिक कैरी बैग और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें भी बेतहाशा बढ़ गई हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले कीमतें प्रति ब्रेड 2 रुपये बढ़ती थीं, लेकिन अब एक बार में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हो रही है, जो चिंता का विषय है।