No PUC No Fuel Rule: हरियाणा के 14 जिलों में बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल, डीजल और सीएनजी
अगर आप रोज गाड़ी से सफर करते हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है। अगर आप हरियाणा के एनसीआर इलाके में रहते हैं और अपनी कार या बाइक से आते-जाते हैं, तो इस अपडेट को तुरंत ध्यान से पढ़ लें। अब अपनी गाड़ी में पेट्रोल, डीजल या सीएनजी भरवाने से पहले आपके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) होना जरूरी है, क्योंकि पंप पर इसकी चेकिंग हो सकती है। हरियाणा परिवहन विभाग ने एनसीआर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों में ईंधन न भरें।
यह कदम 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम के तहत उठाया जा रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर में लागू हो चुका है। शुरुआत में पेट्रोल पंप कर्मचारी खुद हाथ से आपके पीयूसी की जांच करेंगे। इसके बाद ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से गाड़ी के नंबर को ऑनलाइन पीयूसी डेटाबेस से जोड़कर जांच की जाएगी। आइए जानते हैं कि किन-किन गाड़ियों को तेल देने से मना किया जा सकता है।
किन गाड़ियों को नहीं मिलेगा ईंधन?
जिन गाड़ियों के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से साफ मना किया जा सकता है। ईंधन डालने से पहले पेट्रोल पंप कर्मचारी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से पीयूसी की वैधता जांचेंगे। कैमरों का सिस्टम शुरू होने के बाद नंबर प्लेट स्कैन करते ही ऑनलाइन पता चल जाएगा कि पीयूसी एक्टिव है या नहीं।
जब तक कैमरे हर जगह पूरी तरह चालू नहीं हो जाते, तब तक कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल तरीके से ही चेकिंग की जाएगी। इसके अलावा, अगर किसी गाड़ी का पीयूसी एक्सपायर मिला तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकता है।
हरियाणा के इन 14 जिलों में लागू होगा नियम:
अगर आपकी गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बना है या उसकी तारीख निकल चुकी है, तो आपको पेट्रोल पंप से बिना तेल लिए वापस लौटना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपने नजदीकी अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र पर जाकर तुरंत सर्टिफिकेट बनवा लें। मोटर वाहन नियमों के तहत बिना वैध पीयूसी गाड़ी चलाने पर भारी चालान का प्रावधान भी है।
10,000 रुपये तक का चालान
ई-चालान और किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हमेशा वैध पीयूसी सर्टिफिकेट अपने पास रखें। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के गाड़ी चलाने पर मोटर वाहन नियमों के अनुसार आप पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह कदम 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम के तहत उठाया जा रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर में लागू हो चुका है। शुरुआत में पेट्रोल पंप कर्मचारी खुद हाथ से आपके पीयूसी की जांच करेंगे। इसके बाद ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से गाड़ी के नंबर को ऑनलाइन पीयूसी डेटाबेस से जोड़कर जांच की जाएगी। आइए जानते हैं कि किन-किन गाड़ियों को तेल देने से मना किया जा सकता है।
किन गाड़ियों को नहीं मिलेगा ईंधन?
जिन गाड़ियों के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से साफ मना किया जा सकता है। ईंधन डालने से पहले पेट्रोल पंप कर्मचारी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से पीयूसी की वैधता जांचेंगे। कैमरों का सिस्टम शुरू होने के बाद नंबर प्लेट स्कैन करते ही ऑनलाइन पता चल जाएगा कि पीयूसी एक्टिव है या नहीं।
जब तक कैमरे हर जगह पूरी तरह चालू नहीं हो जाते, तब तक कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल तरीके से ही चेकिंग की जाएगी। इसके अलावा, अगर किसी गाड़ी का पीयूसी एक्सपायर मिला तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकता है।
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हरियाणा के इन 14 जिलों में लागू होगा नियम:
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- सोनीपत
- पानीपत
- रोहतक
- झज्जर
- रेवाड़ी
- पलवल
- नूंह
- महेंद्रगढ़
- भिवानी
- चरखी दादरी
- जींद
- करनाल
अगर आपकी गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बना है या उसकी तारीख निकल चुकी है, तो आपको पेट्रोल पंप से बिना तेल लिए वापस लौटना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपने नजदीकी अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र पर जाकर तुरंत सर्टिफिकेट बनवा लें। मोटर वाहन नियमों के तहत बिना वैध पीयूसी गाड़ी चलाने पर भारी चालान का प्रावधान भी है।
10,000 रुपये तक का चालान
ई-चालान और किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हमेशा वैध पीयूसी सर्टिफिकेट अपने पास रखें। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के गाड़ी चलाने पर मोटर वाहन नियमों के अनुसार आप पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।





