NRI ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी! SBI, ICICI समेत कई बैंकों ने बढ़ाया FD पर ब्याज, मिलेगा ज्यादा रिटर्न
बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। SBI, ICICI Bank और Bank of Baroda समेत कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में नियमों में दी गई ढील और नए बदलावों के बाद देशभर के कई बैंकों ने प्रवासी भारतीयों ( NRI ) के लिए जमा योजनाओं पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इस फैसले से NRI ग्राहकों को अपनी जमा राशि पर पहले के मुकाबले अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
इस पहल का मकसद देश में विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) के फ्लो को बढ़ाना है। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने बैंकों के लिए एक खास विदेशी मुद्रा स्वैप (Foreign Currency Swap) विंडो शुरू करने की घोषणा की थी, जो 30 सितंबर तक खुली रहेगी। इस सुविधा के शुरू होने के बाद बैंकों को इन जमाओं पर हेजिंग ( Hedging ) से जुड़ी लागत सहन नहीं करनी पड़ेगी। माना जा रहा है कि इस कदम से देश में करीब 70 अरब डॉलर (70 Billion USD) की विदेशी मुद्रा आ सकती है।
SBI समेत कई बैंकों ने प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए बढ़ी हुई ब्याज दरों के साथ नई Foreign Currency Non-Resident (FCNR-B) डिपॉजिट स्कीम शुरू की है। NRI फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों के लिए 30 सितंबर तक विदेशी मुद्रा स्वैप (Foreign Currency Swap) विंडो उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद की गई है।
इस कदम से बैंकों को इन जमाओं पर हेजिंग (Hedging) लागत वहन नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत कम होगी। यही वजह है कि बैंक अब FCNR(B) डिपॉजिट पर ग्राहकों को अधिक ब्याज दरें देने में सक्षम हो गए हैं। RBI की इस पहल का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाना और NRI निवेश को आकर्षित करना है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रवासी भारतीयों (NRI) से विदेशी मुद्रा जमा (Foreign Currency Deposits) को लुभाना है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस डिपॉजिट योजना के जरिए भारत में करीब 60 से 70 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी आ सकती है।
ICICI Bank ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि वह 11 जून से NRI फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.50% तक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने SBI Advantage FCNR (B) डिपॉजिट स्कीम लॉन्च की है। यह योजना अमेरिकी डॉलर (USD) में उपलब्ध है और इसकी अवधि 3 से 5 साल तक है। इसके साथ एक साल का लॉक-इन पीरियड भी रखा गया है।
RBI द्वारा शुरू की गई विदेशी मुद्रा स्वैप विंडो के कारण बैंकों की लागत कम हुई है, जिससे वे NRI ग्राहकों को अधिक आकर्षक ब्याज दरें देने में सक्षम हो गए हैं। इससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि देश में डॉलर के फ्लो को बढ़ावा भी मिलेगा।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के तहत NRI ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक के अनुसार:
Bank of Baroda ने 11 जून से लागू नई दरों के तहत:
इस पहल का मकसद देश में विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) के फ्लो को बढ़ाना है। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने बैंकों के लिए एक खास विदेशी मुद्रा स्वैप (Foreign Currency Swap) विंडो शुरू करने की घोषणा की थी, जो 30 सितंबर तक खुली रहेगी। इस सुविधा के शुरू होने के बाद बैंकों को इन जमाओं पर हेजिंग ( Hedging ) से जुड़ी लागत सहन नहीं करनी पड़ेगी। माना जा रहा है कि इस कदम से देश में करीब 70 अरब डॉलर (70 Billion USD) की विदेशी मुद्रा आ सकती है।
SBI समेत कई बैंकों ने प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए बढ़ी हुई ब्याज दरों के साथ नई Foreign Currency Non-Resident (FCNR-B) डिपॉजिट स्कीम शुरू की है। NRI फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों के लिए 30 सितंबर तक विदेशी मुद्रा स्वैप (Foreign Currency Swap) विंडो उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद की गई है।
इस कदम से बैंकों को इन जमाओं पर हेजिंग (Hedging) लागत वहन नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत कम होगी। यही वजह है कि बैंक अब FCNR(B) डिपॉजिट पर ग्राहकों को अधिक ब्याज दरें देने में सक्षम हो गए हैं। RBI की इस पहल का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाना और NRI निवेश को आकर्षित करना है।
ब्याज दरें बढ़ाने का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रवासी भारतीयों (NRI) से विदेशी मुद्रा जमा (Foreign Currency Deposits) को लुभाना है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस डिपॉजिट योजना के जरिए भारत में करीब 60 से 70 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी आ सकती है।
ICICI Bank ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि वह 11 जून से NRI फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.50% तक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने SBI Advantage FCNR (B) डिपॉजिट स्कीम लॉन्च की है। यह योजना अमेरिकी डॉलर (USD) में उपलब्ध है और इसकी अवधि 3 से 5 साल तक है। इसके साथ एक साल का लॉक-इन पीरियड भी रखा गया है।
RBI द्वारा शुरू की गई विदेशी मुद्रा स्वैप विंडो के कारण बैंकों की लागत कम हुई है, जिससे वे NRI ग्राहकों को अधिक आकर्षक ब्याज दरें देने में सक्षम हो गए हैं। इससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि देश में डॉलर के फ्लो को बढ़ावा भी मिलेगा।
SBI अकाउंट पर कितना ब्याज मिल रहा है?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के तहत NRI ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक के अनुसार:
- 3 से 4 साल की अवधि के लिए 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) से अधिक की जमा पर 5.50% ब्याज मिलेगा।
- 4 से 5 साल की अवधि के लिए 5.75% ब्याज दिया जाएगा।
- 5 साल की अवधि के लिए ब्याज दर 6.00% रखी गई है।
अन्य बैंकों ने भी बढ़ाई ब्याज दरें
Bank of Baroda ने 11 जून से लागू नई दरों के तहत:
- अमेरिकी डॉलर (USD) जमा पर 6%
- ब्रिटिश पाउंड (GBP) और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) जमा पर 4.75%
- कनाडाई डॉलर (CAD) जमा पर 5.15%
- यूरो (EUR) जमा पर 3.75% ब्याज देने की घोषणा की है।
- 10 लाख डॉलर से कम की जमा पर 3-5 साल की अवधि के लिए 6% ब्याज मिलेगा।
- 10 लाख डॉलर से अधिक की जमा पर 6.15% ब्याज दिया जाएगा।
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