PAN Card Property Rules: 20 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अब पैन कार्ड की जरूरत खत्म

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पैन कार्ड से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव करने का विचार किया है। PAN Card Property Rules में हुए इस नए अपडेट के अनुसार, 20 लाख की प्रॉपर्टी के लिए पैन कार्ड जरूरी नहीं होगा। ये उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है जो कम कीमत वाले घर या प्लॉट खरीदना चाहते हैं। अभी तक के नियम के अनुसार, दस लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने पर पैन कार्ड देना जरूरी होता था। लेकिन अब सरकार ने इस दस लाख की सीमा को बढ़ाकर बीस लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। अगर ये नया नियम लागू हो जाता है, तो बीस लाख रुपये से कम कीमत वाली प्रॉपर्टी के लेन-देन में पैन कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या है नया नियम और इसकी सीमा

प्रॉपर्टी बाजार में काम करने वाले लोग इस बदलाव को बहुत अच्छा मान रहे हैं। अगर कोई इंसान बीस लाख रुपये से कम का घर खरीदता है, तो उसे पैन कार्ड देने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन ये बात याद रखनी होगी कि बीस लाख या उससे ज्यादा की कीमत वाली प्रॉपर्टी के लिए पैन कार्ड देना पहले की तरह ही जरूरी रहेगा। ये बदलाव सिर्फ छोटी प्रॉपर्टी के लिए है। इस कदम से कागज का काम बहुत कम हो जाएगा। प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री के काम में पहले जो समय लगता था, वो अब काफी कम लगेगा।

गिफ्ट और विकास के सौदे भी शामिल

नए ड्राफ्ट में सिर्फ प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की बात नहीं कही गई है। इस नए नियम में प्रॉपर्टी को गिफ्ट करने और जॉइंट डेवलपमेंट के काम को भी शामिल किया गया है। अगर कोई किसी को प्रॉपर्टी गिफ्ट करता है या जमीन के विकास के लिए कोई सौदा करता है, तो वहां भी पैन कार्ड के नए नियम लागू होंगे। इन मामलों में भी बीस लाख रुपये की सीमा का ही पालन किया जाएगा। यानी इन सौदों में भी अगर कीमत बीस लाख से कम है, तो पैन कार्ड नहीं देना होगा।

दस लाख की पुरानी सीमा क्यों बढ़ाई गई

टैक्स के जानकारों का मानना है कि आज के समय में दस लाख रुपये की पुरानी सीमा बहुत कम थी। आज के प्रॉपर्टी बाजार को देखते हुए दस लाख में कोई अच्छी प्रॉपर्टी मिलना बहुत मुश्किल है। शहरों में छोटे घरों की कीमत भी अक्सर दस लाख रुपये से ज्यादा ही होती है। इस वजह से छोटे घर खरीदने वालों को भी अपनी जानकारी देने की परेशानी का सामना करना पड़ता था। जानकारों के अनुसार, इस नए नियम से छोटे शहरों के प्रॉपर्टी खरीदारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। उन्हें कागज के काम से राहत मिलेगी और वे आसानी से घर खरीद पाएंगे।

बड़े सौदों की निगरानी वैसी ही रहेगी

इस नए प्रस्ताव में बड़ी प्रॉपर्टी के लेन-देन पर नजर रखने का तरीका नहीं बदला गया है। बीस लाख रुपये या उससे ज्यादा की हर प्रॉपर्टी के सौदे के लिए पैन कार्ड देना जरूरी रहेगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि टैक्स विभाग बड़े सौदों पर नजर रख सके और खरीदार की कमाई का सही हिसाब लगा सके। इससे टैक्स की चोरी रोकने में मदद मिलेगी। ये नियम अभी एक ड्राफ्ट के रूप में ही सामने आए हैं। सरकार ने इस पर आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों को देखने के बाद ही पक्के नियम लागू किए जाएंगे।

कंपनियों के लिए पैन कार्ड के नए नियम

इस ड्राफ्ट में कंपनियों के लिए पैन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी थोड़ा सख्त किया गया है। अब किसी भी कंपनी को पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय एक लिखित बात देनी होगी। कंपनी को ये बताना होगा कि उनके पास पहले से कोई दूसरा पैन कार्ड नहीं है। इसके साथ ही, अलग-अलग शाखाओं और प्रोजेक्ट ऑफिस में अंदरूनी जांच करना भी जरूरी होगा। ये जांच इसलिए की जाएगी ताकि कोई भी कंपनी एक से ज्यादा पैन कार्ड ना बना सके। इस कदम से पैन कार्ड के काम में और ज्यादा सफाई आएगी।

छोटे बाजारों के लिए अच्छी खबर

कुल मिलाकर, ये बदलाव छोटे प्रॉपर्टी बाजारों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। जो लोग छोटे शहरों में घर बनाने का सपना देखते हैं, उनके लिए ये नियम बहुत मददगार साबित होगा। जब लोगों को कम कागजी काम करना पड़ेगा, तो वे आसानी से जमीन या घर खरीद सकेंगे। बीस लाख की ये नई सीमा बाजार की आज की जरूरत के हिसाब से सही है। जब तक ये ड्राफ्ट पक्का नियम नहीं बन जाता, तब तक पुराने नियम ही मानने होंगे। सभी को अंतिम फैसले का इंतजार है।
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