Pay Income Tax via Credit Card: क्रेडिट कार्ड से भर सकते हैं इनकम टैक्स, जानिए इसके फायदे, चार्ज और पूरा प्रोसेस
हालांकि, क्रेडिट कार्ड से इनकम टैक्स जमा करने के जितने फायदे हैं, उतने ही कुछ ऐसे पहलू भी हैं जिन पर ध्यान न दिया जाए तो आपको अतिरिक्त वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्रेडिट कार्ड से टैक्स भरने पर बैंक कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन चार्ज और कन्वीनियंस फीस वसूलते हैं, जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं। इसलिए यह कदम उठाने से पहले आपको इसके सभी नियम, चार्ज और फायदों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर क्रेडिट कार्ड से टैक्स पेमेंट करने का पूरा गणित क्या है और यह आपके लिए कितना सही है।
ई-फाइलिंग पोर्टल पर क्रेडिट कार्ड से इनकम टैक्स जमा करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर क्रेडिट कार्ड से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को बहुत ही सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। यदि आप भी इस तरीके का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।
- सबसे पहले आपको इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट (incometax.gov.in) पर जाकर अपने पैन (PAN) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद ई-फाइल (e-File) सेक्शन में जाएं और ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) के विकल्प पर क्लिक करें।
- इसके बाद न्यू पेमेंट (New Payment) पर क्लिक करें और संबंधित असेसमेंट ईयर (Assessment Year) तथा टैक्स के प्रकार (जैसे एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स) का चयन करें।
- अपना टैक्स अमाउंट दर्ज करने के बाद जब आप पेमेंट मोड पर पहुँचेंगे, तो वहां आपको पेमेंट गेटवे (Payment Gateway) का विकल्प चुनना होगा।
- पेमेंट गेटवे में आपको केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक या एसबीआई जैसे बैंकों के विकल्प मिलेंगे। इनमें से किसी भी बैंक के गेटवे को चुनकर आगे बढ़ें, क्योंकि ये सभी क्रेडिट कार्ड पेमेंट को सपोर्ट करते हैं।
- अब अपने क्रेडिट कार्ड का विवरण दर्ज करें, ओटीपी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट करें और अपना टैक्स चालान डाउनलोड कर लें।
क्रेडिट कार्ड से टैक्स भरने के मुख्य फायदे और रिवॉर्ड पॉइंट्स की हकीकत
क्रेडिट कार्ड के माध्यम से इनकम टैक्स पेमेंट करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको 45 से 50 दिनों का ब्याज-मुक्त समय (Interest-Free Period) मिल जाता है। यदि आपके पास तुरंत कैश की कमी है, तो आप अंतिम तिथि से पहले अपने टैक्स का भुगतान करके पेनल्टी से बच सकते हैं और पैसे चुकाने के लिए आपको एक्स्ट्रा टाइम मिल जाता है।
इसके अलावा, कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने प्रीमियम कार्ड्स पर टैक्स पेमेंट करने पर माइलस्टोन बेनिफिट्स और रिवॉर्ड पॉइंट्स भी देती हैं। यदि आप किसी ऐसे कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका एनुअल स्पेंड टारगेट पूरा करने पर आपको बड़ा रिवॉर्ड या एनुअल फीस में छूट मिलती है, तो टैक्स की बड़ी रकम का भुगतान इसमें मदद कर सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि आजकल ज्यादातर बैंक टैक्स कैटेगरी वाले पेमेंट्स पर रिवॉर्ड पॉइंट्स देना बंद या सीमित कर चुके हैं, इसलिए अपने कार्ड के नियम पहले ही जांच लें।
कन्वीनियंस फीस और अतिरिक्त चार्ज का रखें विशेष ध्यान
क्रेडिट कार्ड से इनकम टैक्स का भुगतान करते समय जो सबसे बड़ी सावधानी आपको बरतनी है, वह है इस पर लगने वाला ट्रांजैक्शन चार्ज। जब आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो पेमेंट गेटवे आपसे 0.80 प्रतिशत से लेकर 1.5 प्रतिशत तक की कन्वीनियंस फीस और उस पर जीएसटी (GST) वसूलता है।
उदाहरण के लिए, यदि आपका टैक्स अमाउंट 1 लाख रुपये है, तो आपको लगभग 1,000 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक की अतिरिक्त फीस देनी पड़ सकती है। यदि आप समय पर क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं चुका पाते हैं, तो आपको उस पर 36 से 42 प्रतिशत तक का भारी सालाना ब्याज भी देना पड़ सकता है। इसलिए, यदि आपके बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस मौजूद है, तो नेट बैंकिंग या यूपीआई के जरिए टैक्स भरना ही सबसे सस्ता और समझदारी भरा विकल्प माना जाता है। केवल आपातकालीन स्थिति या माइलस्टोन बेनिफिट्स हासिल करने के लिए ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना सही फैसला होगा।