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Petrol Price Hike: ईरान युद्ध के बीच प्रीमियम पेट्रोल हुआ ₹2.35 महंगा, आज से लागू हुए नए रेट

दुनिया भर में चल रहे तनाव का असर अब सीधे तौर पर दिखने लगा है। Petrol Price Hike की खबर से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। ईरान युद्ध का असर अब भारत पर भी साफ नजर आ रहा है। अभी कुछ समय पहले एलपीजी के दाम में बढ़ोतरी हुई थी। एलपीजी के बाद अब देश में पेट्रोल की कीमत में भी उछाल आ गया है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने Premium Petrol Price में 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। ये बढ़ी हुई कीमत आज से ही देश भर में लागू हो गई है। यानी अब प्रीमियम पेट्रोल भरवाने के लिए लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

कंपनियों ने बदले अपने रेट

देश की बड़ी और जानी मानी सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने खास पेट्रोल के रेट में ये इजाफा किया है। BPCL कंपनी ने अपने प्रीमियम पेट्रोल जिसे स्पीड कहा जाता है उसके दाम बढ़ा दिए हैं। इसी तरह HPCL कंपनी ने अपने पावर ब्रांड वाले पेट्रोल के दाम में भी बदलाव किया है। वहीं IOCL ने अपने XP95 पेट्रोल को महंगा कर दिया है। इन तीनों कंपनियों ने अपने अपने प्रीमियम फ्यूल में 2.09 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इन ब्रांड के पेट्रोल को इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब नई कीमत चुकानी होगी।

रेगुलर पेट्रोल पर राहत

भले ही प्रीमियम फ्यूल के दाम में आग लगी हो लेकिन आम जनता के लिए थोड़ी राहत की बात भी है। फिलहाल रेगुलर पेट्रोल की कीमत में सरकार और कंपनियों की तरफ से कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेगुलर पेट्रोल के दाम अभी भी पुराने स्तर पर ही टिके हुए हैं। ज्यादातर लोग अपनी गाड़ियों में रेगुलर पेट्रोल ही डलवाते हैं। इसलिए उन लोगों पर अभी सीधे तौर पर कोई नया आर्थिक बोझ नहीं पड़ा है। ये उन लोगों के लिए एक अच्छी खबर है जो रोजाना सफर के लिए रेगुलर पेट्रोल पर निर्भर हैं।

कच्चे तेल की कीमत में उछाल

पेट्रोल की कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आया उछाल है। ईरान और अमेरिका या इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण ऐसा हुआ है। इन देशों ने एक दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपना निशाना बनाया है। जब एनर्जी ढांचा खतरे में आता है तो कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल आता है। बीते गुरुवार को तो कच्चा तेल एक समय पर 116 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में उसमें कुछ नरमी भी देखने को मिली। आज ब्रेंट क्रूड 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

होर्मुज की खाड़ी पर असर

कच्चे तेल की सप्लाई में होर्मुज की खाड़ी का बहुत बड़ा रोल होता है। ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज की खाड़ी से बड़े जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इस इलाके में जहाजों का आना जाना प्रभावित हुआ है। इसी वजह से कच्चा तेल और भी ज्यादा महंगा हुआ है। आपको बता दें कि पूरी दुनिया का 20 फीसदी तेल और गैस इसी खाड़ी के रास्ते से होकर गुजरता है। जब इतने बड़े रास्ते पर रुकावट आती है तो तेल की सप्लाई चेन टूट जाती है और दाम बढ़ जाते हैं।

भारत के लिए नया रास्ता

भारत के लिए भी होर्मुज की खाड़ी बहुत ही अहम है। देश में क्रूड ऑयल और गैस की सबसे ज्यादा सप्लाई इसी रास्ते से होकर आती है। लेकिन वहां की समस्या और तनाव को देखते हुए भारत ने अब एक नया प्लान तैयार किया है। भारत अब अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए दूसरे स्रोतों से तेल और गैस की खरीदारी कर रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक भारत का 70 फीसदी कच्चा तेल अब पुराने रास्ते को छोड़कर दूसरे रास्तों से देश में आ रहा है। गैस भी अब पूरी तरह से दूसरे स्रोतों से खरीदी जा रही है।

रिफाइनरी कर रही पूरा काम

आम लोगों के मन में ये डर हो सकता है कि देश में पेट्रोल खत्म तो नहीं हो जाएगा। लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को ही साफ कर दिया था कि देश की सभी रिफाइनरीज अपनी पूरी कैपेसिटी के साथ लगातार काम कर रही हैं। किसी भी फ्यूल आउटलेट या पेट्रोल पंप पर तेल की कोई कमी नहीं है। सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है। इसलिए आम लोगों को तेल की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

पेट्रोल पंपों की जांच

पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही सुजाता शर्मा ने भी इस मामले में अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि तेल मार्केटिंग कंपनियां पूरे देश भर में पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण कर रही हैं। इसका मतलब है कि अधिकारी अचानक जाकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पेट्रोल पंपों पर किसी भी तरह की गलत प्रैक्टिस या गड़बड़ी से बचा जा सके। ग्राहकों को सही कीमत पर और सही मात्रा में पेट्रोल मिलना सबसे जरूरी है।
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