Post Office Best Scheme: अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचाएं ₹71 लाख, जानें क्या है पूरी योजना
आज के दौर में हर माता-पिता अपनी बेटी की बेहतर शिक्षा और उसकी शादी के लिए एक सुरक्षित निवेश की तलाश में रहते हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में उतार-चढ़ाव के बीच पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न का एक बेहतरीन भरोसा देती हैं। ऐसी ही एक शानदार योजना है सुकन्या समृद्धि योजना जिसे 'कन्या सुकन्या योजना' के नाम से भी जाना जाता है।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
यह केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही एक छोटी बचत योजना है जो विशेष रूप से बेटियों के लिए है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और शादी के खर्चों को बिना किसी आर्थिक बोझ के पूरा करना है। किसी भी भारतीय नागरिक की बेटी जिसकी उम्र 10 वर्ष या उससे कम है उसके नाम पर यह खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है।निवेश और ब्याज की जानकारी
इस योजना की सबसे खास बात इसकी न्यूनतम निवेश सीमा है। इसमें साल भर में कम से कम 250 रुपये जमा करना अनिवार्य है। वहीं अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना रखी गई है। वर्तमान में सरकार इस योजना पर 8.2% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दे रही है जो कि ज्यादातर बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी अधिक है। सरकार द्वारा हर तिमाही में ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है।₹71 लाख का फंड कैसे तैयार होगा?
योजना का गणित बहुत ही सरल और आकर्षक है। अगर कोई व्यक्ति अपनी बेटी के खाते में हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख का निवेश करता है तो उसे यह राशि 15 वर्षों तक जमा करनी होगी। इसके बाद अगले 6 साल तक खाते पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता रहेगा। 21 साल की मेच्योरिटी पूरी होने पर मौजूदा 8.2% ब्याज दर के हिसाब से कुल राशि ₹71,82,119 के करीब हो जाती है। इसमें जमा की गई मूल राशि ₹22,50,000 होती है जबकि ब्याज के रूप में लगभग ₹49,32,119 मिलते हैं।टैक्स में बड़ी राहत
सुकन्या समृद्धि योजना 'EEE' यानी 'एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट' कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश की गई राशि पर आयकर की धारा 80C के तहत छूट मिलती है। इसके अलावा मिलने वाला सालाना ब्याज और मेच्योरिटी की पूरी राशि भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। यह उन परिवारों के लिए सोने पर सुहागा जैसा है जो टैक्स बचाने के साथ-साथ सुरक्षित भविष्य की योजना बना रहे हैं।कुछ जरूरी नियम और शर्तें
योजना के तहत एक बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खुल सकता है और एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए ही यह लाभ लिया जा सकता है। यदि जुड़वां या तीन बेटियां एक साथ होती हैं तो विशेष परिस्थितियों में तीसरे खाते की अनुमति भी मिलती है। बेटी के 18 वर्ष के होने पर उच्च शिक्षा के लिए खाते से 50% राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है।Next Story