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PAN Card Fraud Alert: मिनटों में पता लगाएं कि आपके नाम पर कोई फर्जी लोन तो नहीं चल रहा

एसी खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं कि किसी व्यक्ति के नाम पर लाखों का लोन ले लिया गया और उसे इसकी भनक तक नहीं लगी। जब रिकवरी एजेंट का फोन आया या सिबिल स्कोर खराब हुआ, तब जाकर पता चला कि उसके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है।
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ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप नियमित रूप से जाँच करते रहें कि आपके पैन कार्ड पर कोई अनधिकृत (unauthorized) लोन तो नहीं चल रहा है। आइए जानते हैं कि आप इसे आसानी से कैसे चेक कर सकते हैं और अपनी वित्तीय सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है यह जाँच?

डिजिटल लेंडिंग ऐप्स और 'इंस्टेंट लोन' की सुविधाओं ने कर्ज लेना आसान बना दिया है, लेकिन इसने पहचान की चोरी (Identity Theft) का खतरा भी बढ़ा दिया है। अगर कोई आपके पैन कार्ड का विवरण चुराकर लोन ले लेता है, तो इसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। इतना ही नहीं, लोन न चुकाने पर बैंक या फाइनेंस कंपनी आपको डिफॉल्टर घोषित कर सकती है, जिससे भविष्य में आपको लोन मिलने में भारी परेशानी हो सकती है। इसलिए, "सावधानी ही बचाव है" के मंत्र को अपनाना सबसे बेहतर उपाय है।


अपनी क्रेडिट रिपोर्ट (Credit Report) की जाँच करें:

आपके पैन कार्ड पर चल रहे सभी लोन और क्रेडिट कार्ड का सबसे सटीक विवरण आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में होता है। भारत में ट्रांसयूनियन सिबिल (CIBIL), एक्सपेरियन (Experian), इक्विफैक्स (Equifax) और सीआरआईएफ हाई मार्क (CRIF High Mark) जैसी क्रेडिट ब्यूरो एजेंसियां आपके वित्तीय रिकॉर्ड रखती हैं।

  • कैसे चेक करें: आप इन क्रेडिट ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर साल में एक बार अपनी मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपना पैन नंबर और कुछ बुनियादी जानकारी दर्ज करनी होगी।


  • क्या देखें: रिपोर्ट डाउनलोड करने के बाद, 'अकाउंट इन्फॉर्मेशन' या 'लोन हिस्ट्री' वाले हिस्से को ध्यान से देखें। अगर आपको वहां कोई ऐसा लोन या क्रेडिट कार्ड दिखता है जिसके लिए आपने कभी आवेदन नहीं किया, तो यह खतरे की घंटी है।

  • फिनटेक ऐप्स (Fintech Apps) का इस्तेमाल करें:

    अगर आपको क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर जाना जटिल लगता है, तो आप अपने स्मार्टफोन पर मौजूद लोकप्रिय फिनटेक ऐप्स का सहारा ले सकते हैं। आजकल कई ऐप्स जैसे पेटीएम (Paytm), क्रेड (CRED), या वनस्कोर (OneScore) आपको मिनटों में आपका क्रेडिट स्कोर और लोन हिस्ट्री दिखाते हैं।

    • सुविधा: ये ऐप्स आपको न केवल आपके सक्रिय लोन दिखाते हैं, बल्कि कई बार नए क्रेडिट इंक्वायरी (Loan Inquiry) होने पर अलर्ट भी भेजते हैं।

    • फायदा: इनका इंटरफेस यूजर-फ्रेंडली होता है, जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि आपके नाम पर कुल कितना कर्ज है।


    डिजिलॉकर (DigiLocker) से वेरीफाई करें:

    भारत सरकार का डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म भी आपकी वित्तीय सुरक्षा की जाँच करने का एक और विश्वसनीय माध्यम है। आप यहां अपने 'CKYC' (Central KYC) रिकॉर्ड को एक्सेस कर सकते हैं।

    • यह रिकॉर्ड उन वित्तीय खातों का ब्योरा रखता है जो आपके पैन से जुड़े और वेरीफाई किए गए हैं।

    • भले ही इसमें लोन की हर छोटी डिटेल न मिले, लेकिन यह क्रॉस-चेकिंग के लिए एक बेहतरीन टूल है। अगर यहाँ कोई ऐसा रिकॉर्ड दिखता है जिसे आप नहीं पहचानते, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

    धोखाधड़ी के संकेत (Red Flags) जिन्हें नजरअंदाज न करें:

    आपको अपनी वित्तीय स्थिति पर नजर रखते हुए कुछ खास संकेतों के प्रति सचेत रहना चाहिए:

    1. अनजान लेंडर: अगर क्रेडिट रिपोर्ट में किसी ऐसे बैंक या NBFC का नाम है जिसे आप नहीं जानते।


  • गलत लोकेशन: अगर लोन किसी ऐसे शहर या राज्य से लिया गया है जहाँ आप कभी रहे ही नहीं।

  • क्रेडिट स्कोर में गिरावट: अगर आपने कोई नया लोन नहीं लिया और न ही भुगतान में देरी की, फिर भी आपका क्रेडिट स्कोर अचानक गिर गया है, तो यह फर्जीवाड़े का संकेत हो सकता है।

  • बचाव के लिए क्या करें?

    • पैन कार्ड शेयर करते समय सावधान रहें: संदिग्ध वेबसाइटों या अनजान लोगों के साथ अपना पैन नंबर या उसकी फोटो शेयर न करें।

    • अलर्ट ऑन रखें: अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड के लिए एसएमएस और ईमेल अलर्ट हमेशा चालू रखें ताकि किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत मिले।

    • शिकायत दर्ज करें: अगर आपको कोई फर्जी लोन दिखता है, तो तुरंत संबंधित बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, क्रेडिट ब्यूरो को भी सूचित करें ताकि वे उस एंट्री को आपकी रिपोर्ट से हटा सकें।


    आज की डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही रक्षा की पहली पंक्ति है। अपने पैन कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड्स की समय-समय पर जाँच करने की आदत डालें। यह छोटा सा कदम आपको भविष्य की बड़ी मानसिक परेशानियों और वित्तीय नुकसान से बचा सकता है, आपकी वित्तीय सुरक्षा आपके ही हाथों में है।