PPF Investment Plan: हर महीने 1000 रुपये बचाकर ऐसे पाएं 18 लाख का रिटर्न, जानें पूरी प्रक्रिया

सुरक्षित भविष्य और वित्तीय स्वतंत्रता की चाहत रखने वाले निवेशकों के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ हमेशा से एक पसंदीदा विकल्प रहा है। बाजार के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित यह योजना न केवल पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि लंबी अवधि में एक बड़ा फंड बनाने में भी सहायक सिद्ध होती है। सरकारी गारंटी के साथ आने वाली यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बिना किसी जोखिम के अपने बचत लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं।
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पीपीएफ निवेश के मुख्य लाभ

पीपीएफ में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा इसकी स्थिरता है। शेयर बाजार की अस्थिरता का इस योजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, इसमें मिलने वाले कर लाभ इसे अन्य निवेश साधनों से अलग बनाते हैं।

  • आयकर में छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश की गई राशि पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
  • टैक्स-फ्री रिटर्न: पीपीएफ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि पूरी तरह से कर-मुक्त होती है।
  • न्यूनतम और अधिकतम निवेश: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है।
  • आकर्षक ब्याज दर: वर्तमान में सरकार पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रही है, जो कई बैंकों की सावधि जमा (FD) दरों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी है।

निवेश की अवधि

पीपीएफ खाते की मूल अवधि 15 वर्ष निर्धारित है। हालांकि, मैच्योरिटी के बाद यदि धनराशि की तत्काल आवश्यकता न हो, तो इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए निवेशक को एक निर्धारित फॉर्म भरकर विस्तार का विकल्प चुनना होता है, जिससे चक्रवर्धि ब्याज का लाभ लंबे समय तक मिलता रहता है।