राशन अपडेट: क्या है खाद्य सुरक्षा? आपके घर तक कैसे पहुँचता है राशन
अगर आप राशन कार्ड धारक हैं और आपको हर महीने समय पर राशन मिल जाता है, तो क्या आप जानते हैं कि आपके घर तक यह अनाज पहुँचाने के पीछे कितना बड़ा सिस्टम काम करता है? हमारे देश में अनाज की कोई कमी नहीं है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग का कहना है कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर नागरिक को उसकी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त, सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का राशन मिले। इसके लिए किसानों से अनाज खरीदने से लेकर, उसे गोदामों में सुरक्षित रखने और फिर राशन दुकानों तक पहुँचाने का एक पूरा और मजबूत नेटवर्क काम करता है।
केन्द्र सरकार का खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में मुख्य भूमिका निभाता है। यह विभाग अनाज की खरीद, उसका रखरखाव, क्वालिटी की जाँच और फिर आम जनता तक राशन पहुँचाने का सारा काम देखता है। आइए इस पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझते हैं।
अनाज को लोगों तक भेजने से पहले उसकी क्वालिटी की अच्छी तरह जाँच की जाती है, ताकि उपभोक्ताओं तक अच्छा और खाने योग्य राशन ही पहुँचे। इसके बाद सरकार ट्रेनों और ट्रकों की मदद से गोदामों से अनाज को अलग-अलग राज्यों में भेजती है। आखिर में यह राशन सही और उचित दरों पर आपकी नजदीकी राशन दुकानों तक पहुँचाया जाता है।
केन्द्र सरकार का खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में मुख्य भूमिका निभाता है। यह विभाग अनाज की खरीद, उसका रखरखाव, क्वालिटी की जाँच और फिर आम जनता तक राशन पहुँचाने का सारा काम देखता है। आइए इस पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझते हैं।
कैसे काम करता है यह पूरा सिस्टम?
खाद्य सुरक्षा का यह पूरा चक्र हमारे किसानों से शुरू होता है। सरकार गेहूं और चावल की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP तय करती है। इससे किसानों को उनकी फसल का सही और तय दाम मिल जाता है और सरकार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए जरूरी अनाज भी मिल जाता है। फसल खरीदने के बाद अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना बहुत जरूरी होता है, जिसके लिए सरकार ने बड़े-बड़े गोदाम बनाए हैं। इन गोदामों में अनाज को नमी, कीड़ों और खराब होने से बचाने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं।अनाज को लोगों तक भेजने से पहले उसकी क्वालिटी की अच्छी तरह जाँच की जाती है, ताकि उपभोक्ताओं तक अच्छा और खाने योग्य राशन ही पहुँचे। इसके बाद सरकार ट्रेनों और ट्रकों की मदद से गोदामों से अनाज को अलग-अलग राज्यों में भेजती है। आखिर में यह राशन सही और उचित दरों पर आपकी नजदीकी राशन दुकानों तक पहुँचाया जाता है।
क्या है PM गरीब कल्याण अन्न योजना?
जरूरतमंदों तक राशन पहुँचाने के लिए सरकार कई योजनाएं चलाती है, जिसमें PM गरीब कल्याण योजना बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आने वाले पात्र लोगों को तय नियमों के मुताबिक मुफ्त राशन दिया जाता है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाने-पीने की चिंता से राहत मिलती है और उन्हें आर्थिक मदद भी होती है।किसको कितना मिलता है राशन?
PM गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से राशन बांटती है। प्रायोरिटी हाउसहोल्ड यानी PHH श्रेणी के कार्डधारकों को प्रति यूनिट (परिवार के हर सदस्य के हिसाब से) 5 किलो राशन दिया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी परिवार में 4 सदस्य हैं तो उन्हें 20 किलो राशन मिलेगा। वहीं, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) श्रेणी में आने वाले परिवारों को हर महीने 35 किलो राशन दिया जाता है। यह राशन कार्डधारकों को हर महीने नियमित रूप से बांटा जाता है।'वन नेशन, वन राशन कार्ड' से आसान हुई व्यवस्था
'वन नेशन, वन राशन कार्ड' (ONORC) योजना के लागू होने से पात्र कार्डधारक अब देश की किसी भी सरकारी राशन दुकान से अपना राशन ले सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होता है जो काम या किसी अन्य कारण से अपने गाँव या शहर से दूर दूसरे राज्यों में रहते हैं। वे लोग अपनी पात्रता के अनुसार नए शहर या राज्य में भी तय नियमों के तहत आसानी से राशन प्राप्त कर सकते हैं।Next Story