Retirement Planning: हर महीने 1 लाख रुपये कैसे कमाएं? यहाँ समझिए पूरा गणित

रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय मन में अक्सर कई तरह के सवाल और अनिश्चितताएं होती हैं। सबसे बड़ा डर यही होता है कि हमारी जमा-पूंजी कितने साल चलेगी और हम हर साल बिना किसी चिंता के कितना पैसा खर्च कर सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद एक बंधी-बंधाई रेगुलर इनकम पाने के लिए '4% का नियम' (4% Rule) एक बहुत ही आसान और बढ़िया तरीका है। आइए आज इसे थोड़ा बारीकी से समझते हैं।
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क्या कहता है 4% का नियम?

इस नियम के मुताबिक, रिटायरमेंट के पहले साल में आप अपनी कुल जमा-पूंजी का करीब 4% हिस्सा निकाल सकते हैं। इसके बाद के सालों में, महंगाई को देखते हुए इस रकम में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी की जाती है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 50 लाख रुपये की बचत है, तो आप पहले साल करीब 2 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। इसका सीधा मकसद यह है कि आपका बाकी बचा हुआ पैसा निवेशित रहे और समय के साथ बढ़ता भी रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि हमें हर महीने कितना पैसा निकालना चाहिए (जिसे विड्रॉल रेट कहते हैं) ताकि हमारा पैसा पूरे रिटायरमेंट में हमारा साथ दे? मान लेते हैं कि आज आपके पास 1.5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड है। क्या आप अगले 20 सालों तक हर महीने आराम से 1 लाख रुपये निकाल सकते हैं? और 20 साल पूरे होने के बाद आपके पास कितना बैलेंस बचेगा? आइए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की राय और कैलकुलेशन से इसे आसान शब्दों में समझते हैं।


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SBI Securities Calculator क्या बताता है?

चूंकि यह पैसा आपके बुढ़ापे का सहारा है, इसलिए हम इसे सुरक्षित म्यूचुअल फंड्स (जैसे डेट या हाइबिब फंड्स) में निवेश करेंगे, जहाँ हम सालाना 6% रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं।


  • केस 1 (6% रिटर्न पर): अगर आपका 1.5 करोड़ रुपये का फंड हर साल 6% की रफ्तार से बढ़ता है और आप हर महीने 1 लाख रुपये निकालते हैं, तो आपका यह पैसा 22 साल तक चलेगा। लेकिन ध्यान रहे, 22 साल बाद आपका पूरा फंड खत्म (लगभग जीरो) हो जाएगा।
  • केस 2 (7% रिटर्न पर): अगर आपको थोड़ा बेहतर यानी 7% का रिटर्न मिलता है, तो आप इसी 1.5 करोड़ रुपये के फंड से अगले 22 सालों तक हर महीने 1.10 लाख रुपये निकाल सकेंगे। इसके बाद भी आपके पास करीब 5.44 लाख रुपये बच जाएंगे।
  • केस 3 (8% रिटर्न पर): अगर आपको लगातार 8% का रिटर्न मिलता रहे, तो आप अगले 22 सालों तक हर महीने पूरे 1.20 लाख रुपये निकाल सकते हैं। इसके बाद भी आपके पास करीब 90,000 रुपये बचे रहेंगे।

एक्सपर्ट्स किस बात की चेतावनी दे रहे हैं?

ऊपर दिए गए आंकड़े देखने में भले ही बहुत अच्छे लग रहे हों, लेकिन फाइनेंशियल एडवाइजर्स इसमें एक बड़े रिस्क की तरफ इशारा करते हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि सुरक्षित माने जाने वाले डेट फंड्स में भी रिटर्न कभी फिक्स या गारंटीड नहीं होता। ऐसा समय भी आ सकता है जब मार्केट का प्रदर्शन खराब हो और आपको 6% का रिटर्न भी न मिले। आज के समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, अगर आप बहुत जल्दी ज्यादा पैसा निकालना शुरू कर देंगे, तो आपका फंड बहुत तेजी से खत्म हो सकता है।

रिपोर्ट्स के हिसाब से देखें तो यदि कोई 1.5 करोड़ रुपये के फंड पर औसतन 6% का सालाना रिटर्न पाता है, तो वह करीब 22 साल तक 1 लाख रुपये महीना निकाल सकता है। लेकिन इस दौरान उसका फंड पूरी तरह खाली हो जाएगा और आखिर में हाथ में कुछ नहीं बचेगा। यह प्लान शुरुआत में तो अच्छा लगता है, लेकिन लंबे समय के लिए रिस्क से भरा है। अगर रिटर्न थोड़ा ज्यादा (7% या 8%) मिले, तो इसी फंड से 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये की मंथली इनकम हो सकती है।

मगर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लगातार 20-22 सालों तक ऐसा रिटर्न मिलना मुमकिन है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि डेट फंड्स में रिटर्न कभी भी एक जैसा नहीं रहता। जब मार्केट के हालात कमजोर होते हैं, तो रिटर्न 6% से भी नीचे गिर सकता है। ऐसी स्थिति में ज्यादा पैसा निकालने से आपका रिटायरमेंट फंड समय से पहले ही खत्म हो सकता है।

यही वजह है कि फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स रिटायरमेंट के दौरान 3% से 5% के बीच का विड्रॉल रेट सबसे सुरक्षित मानते हैं। अगर आपके पास 1.5 करोड़ रुपये हैं, तो हर महीने 75,000 रुपये या उससे कम निकालना ज्यादा सेफ रहेगा। इससे आपका पैसा लंबे समय तक चलेगा और आप बढ़ती महंगाई का सामना भी आसानी से कर पाएंगे।


डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल आपकी जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड या किसी भी स्कीम में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने या वित्तीय फैसला लेने से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर (वित्तीय सलाहकार) से सलाह जरूर लें।