ठेकेदार ने पति-पत्नी को कई दिनों तक बंधक बनाया: महिला का आरोप- लोहे की रॉड से पीटकर पति की हत्या, नमक डालकर शव दफनाया

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बिहार के नालंदा जिले से मजदूर दंपती को कथित तौर पर बंधक बनाने और पति की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने उसे और उसके पति को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके पति सुरेंद्र मांझी के साथ लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की गई। महिला का दावा है कि पिटाई के बाद पति की मौत हो गई और आरोपियों ने शव को खेत में ले जाकर दफना दिया। शव दफनाने से पहले उस पर नमक डालने का भी आरोप लगाया गया है।

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पुलिस मामले की जांच कर रही है।

काम के बहाने बुलाने का आरोप

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सुरेंद्र मांझी और उनकी पत्नी नॉलेजा देवी मजदूरी करते थे। परिजनों का आरोप है कि दंपती का ठेकेदार से करीब एक हजार रुपये के बकाये को लेकर विवाद था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद ठेकेदार ने दंपती को काम के सिलसिले में बुलाया और इसके बाद दोनों को अपने कब्जे में ले लिया। रिपोर्टों में दंपती को करीब पांच से छह दिनों तक बंधक बनाए रखने की बात सामने आई है। बंधक बनाए जाने की वास्तविक अवधि पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

पत्नी के सामने पति को पीटने का आरोप

महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को पेड़ से बांधकर लोहे की रॉड से पीटा गया। एक रिपोर्ट में बिजली का करंट देने का आरोप भी सामने आया है। महिला का कहना है कि लगातार मारपीट के बाद पति की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

शव को खेत में दफनाने का दावा

परिजनों के अनुसार, सुरेंद्र की मौत के बाद आरोपियों ने शव को परिजनों को सौंपने के बजाय खेत में ले जाकर दफना दिया।

महिला ने आरोप लगाया है कि शव को दफनाने से पहले उस पर नमक डाला गया। पुलिस अब शव, घटनास्थल और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

मामला नालंदा के नूरसराय क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी में मजदूरी या बकाये की रकम को लेकर विवाद की बात सामने आई है। फिलहाल महिला के आरोपों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि सुरेंद्र मांझी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।