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Savings Account vs Investment: क्या आपका बचत खाता धीरे-धीरे आपके पैसे की वैल्यू कम कर रहा है? जानें बेहतर विकल्प

हम में से ज्यादातर लोग अपनी मेहनत की कमाई को बैंक के बचत खाते (Savings Account) में रखकर बहुत सुरक्षित महसूस करते हैं। हमें लगता है कि पैसा बैंक में है, तो सुरक्षित भी है और थोड़ा-बहुत ब्याज भी मिल रहा है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ रही है, क्या आपका बैंक अकाउंट उस रफ्तार से आपको रिटर्न दे पा रहा है?
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हकीकत यह है कि ज्यादातर बड़े बैंक बचत खाते पर 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज देते हैं। वहीं दूसरी ओर, महंगाई दर अक्सर 5 से 6 प्रतिशत के आसपास रहती है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपका पैसा बैंक में बढ़ तो रहा है, लेकिन उसकी 'खरीदने की शक्ति' यानी वैल्यू कम होती जा रही है। आइए समझते हैं कि अपने इस 'आलसी पैसे' को आप कहाँ लगा सकते हैं ताकि वह आपके लिए मेहनत कर सके।

महंगाई का गणित और आपका नुकसान

इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं। अगर आपने आज अपने खाते में 1 लाख रुपये रखे हैं और बैंक आपको 3 प्रतिशत ब्याज दे रहा है, तो साल के अंत में आपके पास 1,03,000 रुपये होंगे। लेकिन अगर उसी साल महंगाई 6 प्रतिशत बढ़ गई, तो जो सामान आज 1 लाख में मिल रहा है, वह अगले साल 1,06,000 का मिलेगा। यानी आपके पास 3000 रुपये कम पड़ जाएंगे। इसी को कहते हैं पैसे की वैल्यू का कम होना।


बेकार पड़े पैसे को कहाँ रखें?

बैंक खाते में उतना ही पैसा रखना चाहिए जो आपके रोजमर्रा के खर्चों और अचानक आने वाली जरूरतों के लिए काफी हो। बाकी पैसे को आप इन विकल्पों में लगा सकते हैं:

1. लिक्विड म्यूचुअल फंड (Liquid Mutual Funds) अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित रहे और आप उसे कभी भी निकाल सकें, तो लिक्विड फंड एक बेहतरीन विकल्प हैं। यहाँ आमतौर पर बचत खाते के मुकाबले 2 से 3 प्रतिशत ज्यादा रिटर्न मिल जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आप जब चाहें पैसा निकाल सकते हैं और यह बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा लचीला होता है।


2. बैंक की 'स्वीप-इन' सुविधा (Sweep-in FD) अगर आप म्यूचुअल फंड में नहीं जाना चाहते, तो अपने बैंक से 'ऑटो स्वीप' सुविधा के बारे में पूछें। इसमें एक निश्चित सीमा से ज्यादा पैसा होते ही वह अपने आप एफडी (FD) में बदल जाता है जिस पर ज्यादा ब्याज मिलता है। जरूरत पड़ने पर आप जब पैसा निकालते हैं, तो वह एफडी अपने आप टूटकर आपके खाते में आ जाती है। इससे आपको बचत खाते की तरलता और एफडी का ज्यादा ब्याज, दोनों मिलते हैं।

3. शॉर्ट-टर्म डेट फंड (Short-term Debt Funds) यदि आपको पता है कि आपको अगले 6 महीने या 1 साल तक इन पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी, तो शॉर्ट-टर्म डेट फंड में निवेश करना समझदारी है। ये फंड सरकारी बॉन्ड्स और सुरक्षित कंपनियों के पेपर्स में निवेश करते हैं, जिससे आपका पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी बेहतर मिलता है।

4. आर्बिट्राज फंड (Arbitrage Funds) जो लोग टैक्स बचाने के साथ-साथ बचत खाते से बेहतर रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए आर्बिट्राज फंड अच्छे हैं। इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें टैक्स के नजरिए से इक्विटी फंड माना जाता है, जिससे मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स कम लगता है और जोखिम भी काफी कम होता है।

इमरजेंसी फंड का नियम न भूलें

बचत खाते से पैसा हटाकर निवेश करना अच्छी बात है, लेकिन हमेशा अपने पास 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर राशि 'इमरजेंसी फंड' के तौर पर रखनी चाहिए। इसे आप बचत खाते या स्वीप-इन एफडी में ही रखें ताकि मुसीबत के समय यह तुरंत काम आ सके।


पैसा कमाना जितना जरूरी है, उसे सही जगह रखना उससे भी कहीं ज्यादा जरूरी है। बचत खाते में जरूरत से ज्यादा पैसा रखना एक ऐसी गलती है जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। 2026 के इस दौर में जहाँ निवेश के इतने सारे सुरक्षित और आसान विकल्प मौजूद हैं, अपने पैसे को 'आलसी' बनाकर न रखें। आज ही अपनी पासबुक देखें और तय करें कि कितना पैसा आपके लिए काम करेगा और कितना सिर्फ आराम करेगा।