SBI FD Interest Rates: फिलहाल नहीं बढ़ेंगी जमा पर ब्याज दरें, जानें SBI चेयरमैन ने क्या कहा
अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में पैसा जमा करने या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी के मुताबिक, अगले दो से तीन महीनों तक बैंक की जमा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। इसकी मुख्य वजह बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी (Liquidity) का मौजूद होना है। ऐसे में FD पर ज्यादा ब्याज पाने की उम्मीद कर रहे ग्राहकों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है।
I believe this NIM benefit will be seen over a span of two to three quarters.”
बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह (Five-Day Workweek) की मांग पर भी शेट्टी ने अपनी बात रखी। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने बताया कि इस मांग पर विचार करने के लिए IBA के तहत बनाई गई समिति के जरिए बैंक प्रबंधन संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। गौरतलब है कि सितंबर में बैंक कर्मचारी यूनियनों ने पांच दिन के वर्किंग वीक की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी।
RBI के रेपो रेट बढ़ाने का बैंकों पर क्या असर होगा?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी करके इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। SBI चेयरमैन के अनुसार, इस फैसले से अगले दो से तीन तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हो सकता है। वहीं, RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों ने अपनी लेंडिंग रेट में 0.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसका मतलब है कि इन बैंकों से कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए लोन महंगा हो सकता है।आगे बढ़ सकती हैं जमा ब्याज दरें
सी. एस. शेट्टी ने कहा कि अगर कर्ज की मांग और लोन ग्रोथ इसी रफ्तार से बढ़ती रहती है, तो कुछ बैंकों को ग्राहकों से ज्यादा जमा जुटाने के लिए डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच जमाकर्ताओं को ऐसा ब्याज मिलना जरूरी है, जिससे उन्हें वास्तविक रूप से फायदा हो सके। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर RBI के फैसले के असर को लेकर उन्होंने कहा, “The decision to increase rates over the next two to three quarters will positively affect NIM. The market anticipates a total rate hike of 0.75 percentage points in two or three phases.I believe this NIM benefit will be seen over a span of two to three quarters.”
SBI की लोन ग्रोथ और पांच दिन के वर्किंग वीक पर भी दिया बयान
SBI चेयरमैन ने बताया कि बैंकिंग सिस्टम में आधे से ज्यादा लोन बाहरी बेंचमार्क दरों से जुड़े हैं। ऐसे लोन की ब्याज दरों में RBI के रेपो रेट में बदलाव के अनुसार संशोधन हो सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि SBI अपने लोन पोर्टफोलियो में 14 से 15 प्रतिशत की ग्रोथ बनाए रख सकता है। उनके मुताबिक, SBI की लोन ग्रोथ मौजूदा कीमतों पर आधारित सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ से दो से तीन प्रतिशत अधिक होनी चाहिए।बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह (Five-Day Workweek) की मांग पर भी शेट्टी ने अपनी बात रखी। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने बताया कि इस मांग पर विचार करने के लिए IBA के तहत बनाई गई समिति के जरिए बैंक प्रबंधन संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। गौरतलब है कि सितंबर में बैंक कर्मचारी यूनियनों ने पांच दिन के वर्किंग वीक की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी।
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