SBI Loan Interest Rate Hike: SBI ने बढ़ाया लोन का ब्याज, जानें EMI और बजट पर क्या होगा असर
SBI Loan Interest Rate Hike : देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने कुछ लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.15% की वृद्धि की है। इसका असर खासतौर पर फ्लोटिंग ब्याज दर वाले लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। ब्याज दर बढ़ने से कुछ कर्जदारों की मासिक किस्त यानी EMI भी बढ़ सकती है।
होम लोन और ऑटो लोन जैसे कई रिटेल लोन एक साल की MCLR से जुड़े होते हैं। ऐसे में SBI Loan Interest Rate Hike का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर आधारित है। हालांकि, EBLR और RLLR जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े लोन लेने वालों पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि MCLR से जुड़े सभी लोन की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। ऐसे लोन में अक्सर ब्याज दर की समीक्षा या रीसेट करने का प्रावधान होता है। अगर आपके एक साल की MCLR से जुड़े लोन की ब्याज दर जल्द रीसेट होने वाली है, तो बढ़ी हुई दर का असर रीसेट की तारीख से आपकी EMI पर दिखाई दे सकता है।
ब्याज दर में 0.15% की बढ़ोतरी के बाद जिन ग्राहकों की EMI बढ़ती है, उनके पास दो विकल्प होंगे। वे बढ़ी हुई मासिक किस्त का भुगतान जारी रख सकते हैं या फिर, अगर ज्यादा EMI चुकाना मुश्किल हो, तो लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, लोन की अवधि बढ़ाने पर पूरी कर्ज अवधि के दौरान चुकाया जाने वाला कुल ब्याज अधिक हो सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने गुरुवार को कहा कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण उन्हें अगले तीन महीनों में जमा पर ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतिगत घोषणा के एक दिन बाद बोलते हुए शेट्टी ने कहा कि केंद्रीय बैंक के सख्त ब्याज दर रुख से अगले तीन तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हो सकता है।
उन्होंने यह भी माना कि अगर महंगाई बढ़ती है, तो जमाकर्ताओं को सकारात्मक वास्तविक ब्याज दरों के जरिए कुछ राहत मिलनी चाहिए।
क्रेडिट ग्रोथ पर बात करते हुए शेट्टी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो में 14 से 15% की वृद्धि बनाए रखने की उम्मीद करता है। उन्होंने बताया कि क्रेडिट ग्रोथ की कोई एक आदर्श दर नहीं होती, लेकिन SBI का मानना है कि यह नॉमिनल GDP ग्रोथ से कम से कम 2 से 3 प्रतिशत अंक अधिक होनी चाहिए। नॉमिनल GDP ग्रोथ 12% अनुमानित होने के साथ, शेट्टी के अनुसार 14 से 15% की क्रेडिट ग्रोथ आर्थिक विस्तार की गति बनाए रखने में मदद करेगी।
SBI ने बढ़ाईं लोन की ब्याज दरें
SBI की नई ब्याज दरें लागू हो चुकी हैं। बैंक ने कुछ निश्चित अवधि वाले MCLR में 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। हालांकि, ओवरनाइट और एक महीने की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 3 महीने, 6 महीने, 1 साल, 2 साल और 3 साल की MCLR दरें 15 बेसिस पॉइंट बढ़ाई गई हैं।होम लोन और ऑटो लोन जैसे कई रिटेल लोन एक साल की MCLR से जुड़े होते हैं। ऐसे में SBI Loan Interest Rate Hike का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर आधारित है। हालांकि, EBLR और RLLR जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े लोन लेने वालों पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
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यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि MCLR से जुड़े सभी लोन की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। ऐसे लोन में अक्सर ब्याज दर की समीक्षा या रीसेट करने का प्रावधान होता है। अगर आपके एक साल की MCLR से जुड़े लोन की ब्याज दर जल्द रीसेट होने वाली है, तो बढ़ी हुई दर का असर रीसेट की तारीख से आपकी EMI पर दिखाई दे सकता है।
ब्याज दर में 0.15% की बढ़ोतरी के बाद जिन ग्राहकों की EMI बढ़ती है, उनके पास दो विकल्प होंगे। वे बढ़ी हुई मासिक किस्त का भुगतान जारी रख सकते हैं या फिर, अगर ज्यादा EMI चुकाना मुश्किल हो, तो लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, लोन की अवधि बढ़ाने पर पूरी कर्ज अवधि के दौरान चुकाया जाने वाला कुल ब्याज अधिक हो सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने गुरुवार को कहा कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण उन्हें अगले तीन महीनों में जमा पर ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतिगत घोषणा के एक दिन बाद बोलते हुए शेट्टी ने कहा कि केंद्रीय बैंक के सख्त ब्याज दर रुख से अगले तीन तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हो सकता है।
अगले तीन महीनों में जमा पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम
शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी होने के कारण अगले दो से तीन महीनों में जमा पर ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अगर कर्ज की मांग और क्रेडिट ग्रोथ मौजूदा ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो कुछ बैंक लोन देने के लिए जरूरी धन जुटाने के उद्देश्य से जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।उन्होंने यह भी माना कि अगर महंगाई बढ़ती है, तो जमाकर्ताओं को सकारात्मक वास्तविक ब्याज दरों के जरिए कुछ राहत मिलनी चाहिए।
क्रेडिट ग्रोथ पर बात करते हुए शेट्टी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो में 14 से 15% की वृद्धि बनाए रखने की उम्मीद करता है। उन्होंने बताया कि क्रेडिट ग्रोथ की कोई एक आदर्श दर नहीं होती, लेकिन SBI का मानना है कि यह नॉमिनल GDP ग्रोथ से कम से कम 2 से 3 प्रतिशत अंक अधिक होनी चाहिए। नॉमिनल GDP ग्रोथ 12% अनुमानित होने के साथ, शेट्टी के अनुसार 14 से 15% की क्रेडिट ग्रोथ आर्थिक विस्तार की गति बनाए रखने में मदद करेगी।





