स्कूल फीस पेमेंट: UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड, जानिए कौन सा तरीका है सबसे सस्ता?

School Fee Payments: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट करना बेहद आसान और सुविधाजनक हो गया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में पेरेंट्स बच्चों के स्कूल की फीस भरने के लिए UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, UPI के नए दिशानिर्देशों के लागू होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट करने पर कुछ अतिरिक्त शुल्क लग सकते हैं। कई स्कूल या पेमेंट गेटवे फीस जमा करते समय अलग से "कन्वीनियंस फीस" जोड़ देते हैं, जिससे पेरेंट्स की जेब पर बोझ बढ़ जाता है।
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इन नियमों में हुए बदलावों के बाद बहुत से लोग यह सोच रहे हैं कि स्कूल फीस देने के लिए UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड में से कौन सा माध्यम सबसे ज़्यादा किफ़ायती है। UPI ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इस बारे में स्थिति साफ़ की है। आम तौर पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) मर्चेंट यानी स्कूल को देना होता है, लेकिन कुछ खास स्थितियों में यह कन्वीनियंस फीस माता-पिता से भी ली जा सकती है।

UPI से स्कूल फीस देने पर कितना लगेगा चार्ज?

UPI के ज़रिए स्कूल फीस जमा करना काफी आसान और सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें पैसे सीधे आपके बैंक खाते से स्कूल के खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। 15 अक्टूबर से लागू हुए नए नियमों के मुताबिक, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट पर कोई भी MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा। वहीं, 2,000 रुपये से ज़्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत का MDR लागू होता है। इसके अलावा, अगर फीस की रकम 75,000 रुपये या उससे अधिक है, तो 300 रुपये का MDR शुल्क लगाया जाएगा।



डेबिट कार्ड से फीस चुकाने के नियम

जब आप डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके फीस देते हैं, तो रकम सीधे आपके बैंक अकाउंट से कट जाती है। कार्ड से पेमेंट स्वीकार करने के लिए स्कूलों को अपने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को एक शुल्क देना पड़ता है। डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर मर्चेंट फीस अलग-अलग कार्ड नेटवर्क और बैंक के हिसाब से बदलती रहती है। खबरों के अनुसार ऐसे ट्रांजैक्शन पर करीब 0.90 प्रतिशत का रेट लागू होता है। हालांकि, RuPay डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर "जीरो MDR" की नीति लागू होती है, यानी इस पर कोई मर्चेंट चार्ज नहीं लगता।

क्रेडिट कार्ड से फीस भरने पर लगेगा अतिरिक्त चार्ज

ध्यान रखने वाली बात यह है कि जब आप क्रेडिट कार्ड से स्कूल फीस का भुगतान करते हैं, तो पैसे सीधे बैंक खाते से नहीं कटते, बल्कि आपके क्रेडिट कार्ड बिल में जुड़ जाते हैं। ऐसी सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म माता-पिता से कुल रकम का करीब 2 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत तक का extra कन्वीनियंस फीस लेते हैं। इसका मतलब है कि आपको 2,000 रुपये से लेकर 2,500 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरते हैं, तो उस पर भारी ब्याज भी चुकाना पड़ सकता है।