SSY Investment Guide: हर महीने छोटा निवेश और बेटी की शादी-पढ़ाई की टेंशन खत्म, ऐसे मिलेंगे ₹71.82 लाख
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी की पढ़ाई और उसकी शादी बिना किसी आर्थिक तंगी के शानदार तरीके से संपन्न हो। इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए भारत सरकार की 'सुकन्या समृद्धि योजना' (SSY) एक वरदान साबित हो रही है। यह न केवल सुरक्षित निवेश का जरिया है, बल्कि मौजूदा समय में यह अन्य कई छोटी बचत योजनाओं की तुलना में बेहतर ब्याज दर भी प्रदान कर रही है।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
यह 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई एक बचत योजना है। इसमें निवेश की अवधि और मिलने वाले ब्याज का तालमेल कुछ इस तरह बैठाया गया है कि जब आपकी बेटी बड़ी होगी, तब आपके पास उसके सपनों को पूरा करने के लिए एक बड़ी धनराशि जमा होगी। साल 2026 के अपडेट्स के अनुसार, इस योजना में मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
कैसे मिलेंगे 71 लाख रुपये से ज्यादा?
अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या छोटी बचत से लाखों रुपये जुटाना संभव है? सुकन्या समृद्धि योजना का गणित इसे सच साबित करता है। अगर आप इस योजना के तहत अपनी बेटी के नाम पर हर महीने 12,500 रुपये का निवेश करते हैं (यानी साल के 1.5 लाख रुपये, जो इस योजना की अधिकतम निवेश सीमा है), तो 15 साल तक निवेश करने के बाद और 21 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर, मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से आपको लगभग 71.82 लाख रुपये मिल सकते हैं।
इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि आपको निवेश केवल 15 वर्षों तक ही करना होता है, जबकि अगले 6 वर्षों तक उस जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहता है।
टैक्स में छूट: इस योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है। इसके अलावा, मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
ब्याज दर: सरकार हर तिमाही में इस योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, जो आमतौर पर पीपीएफ (PPF) जैसी योजनाओं से अधिक रहती है।
सुकन्या समृद्धि खाता खोलना बेहद सरल है। आप अपने नजदीकी डाकघर (Post Office) या किसी भी अधिकृत सरकारी या निजी बैंक में जाकर यह खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जैसे बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
पैसे कब निकाल सकते हैं?
योजना के नियमों के मुताबिक, खाता खोलने के 21 साल बाद यह मैच्योर होता है। हालांकि, अगर बेटी 18 वर्ष की हो जाती है और उसे उच्च शिक्षा के लिए पैसों की जरूरत है, तो आप जमा राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं। बेटी की शादी के समय भी खाता बंद करने और पूरी राशि निकालने का विकल्प मिलता है, बशर्ते वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हो।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
यह 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई एक बचत योजना है। इसमें निवेश की अवधि और मिलने वाले ब्याज का तालमेल कुछ इस तरह बैठाया गया है कि जब आपकी बेटी बड़ी होगी, तब आपके पास उसके सपनों को पूरा करने के लिए एक बड़ी धनराशि जमा होगी। साल 2026 के अपडेट्स के अनुसार, इस योजना में मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कैसे मिलेंगे 71 लाख रुपये से ज्यादा?
अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या छोटी बचत से लाखों रुपये जुटाना संभव है? सुकन्या समृद्धि योजना का गणित इसे सच साबित करता है। अगर आप इस योजना के तहत अपनी बेटी के नाम पर हर महीने 12,500 रुपये का निवेश करते हैं (यानी साल के 1.5 लाख रुपये, जो इस योजना की अधिकतम निवेश सीमा है), तो 15 साल तक निवेश करने के बाद और 21 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर, मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से आपको लगभग 71.82 लाख रुपये मिल सकते हैं।इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि आपको निवेश केवल 15 वर्षों तक ही करना होता है, जबकि अगले 6 वर्षों तक उस जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहता है।
- योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता
- इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को जानना जरूरी है:
- आयु सीमा: खाता केवल 10 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के नाम पर ही खोला जा सकता है।
- न्यूनतम और अधिकतम निवेश: आप एक साल में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
टैक्स में छूट: इस योजना में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है। इसके अलावा, मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
ब्याज दर: सरकार हर तिमाही में इस योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, जो आमतौर पर पीपीएफ (PPF) जैसी योजनाओं से अधिक रहती है।
खाता खोलने की प्रक्रिया
सुकन्या समृद्धि खाता खोलना बेहद सरल है। आप अपने नजदीकी डाकघर (Post Office) या किसी भी अधिकृत सरकारी या निजी बैंक में जाकर यह खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जैसे बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता या पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
पैसे कब निकाल सकते हैं?
योजना के नियमों के मुताबिक, खाता खोलने के 21 साल बाद यह मैच्योर होता है। हालांकि, अगर बेटी 18 वर्ष की हो जाती है और उसे उच्च शिक्षा के लिए पैसों की जरूरत है, तो आप जमा राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं। बेटी की शादी के समय भी खाता बंद करने और पूरी राशि निकालने का विकल्प मिलता है, बशर्ते वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हो। Next Story