SIP बीच में बंद करने की गलती पड़ सकती है भारी, जानिए क्या है 7-5-3-1 नियम
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को लंबे समय में पैसा बनाने का अच्छा तरीका मानते हैं। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव या अन्य कारणों से कई निवेशक कुछ साल बाद ही अपनी SIP बंद कर देते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करने से निवेशकों को कंपाउंडिंग का पूरा लाभ नहीं मिल पाता और लंबी अवधि में बनने वाली बड़ी पूंजी का मौका छूट सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, SIP में सबसे बड़ा फायदा समय के साथ मिलने वाले कंपाउंडिंग रिटर्न का होता है। जितने लंबे समय तक निवेश जारी रहता है, उतना ही अधिक रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बाजार में गिरावट के दौरान घबराकर SIP बंद करने के बजाय नियमित निवेश जारी रखना बेहतर माना जाता है।
इसी सोच को समझाने के लिए एक्सपर्ट 7-5-3-1 नियम की सलाह देते हैं। यह नियम निवेशकों को लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, SIP में सबसे बड़ा फायदा समय के साथ मिलने वाले कंपाउंडिंग रिटर्न का होता है। जितने लंबे समय तक निवेश जारी रहता है, उतना ही अधिक रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बाजार में गिरावट के दौरान घबराकर SIP बंद करने के बजाय नियमित निवेश जारी रखना बेहतर माना जाता है।
क्या है 7-5-3-1 नियम?
इसी सोच को समझाने के लिए एक्सपर्ट 7-5-3-1 नियम की सलाह देते हैं। यह नियम निवेशकों को लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।
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