SIP vs PPF: ₹5000 हर महीने जमा करने पर कहाँ मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न? देखें कैलकुलेशन
अपनी गाढ़ी कमाई को सही जगह निवेश करना हर किसी का सपना होता है। अगर आप हर महीने ₹5000 की बचत करने की सोच रहे हैं, तो आपके सामने दो सबसे लोकप्रिय रास्ते आते हैं। पहला है म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी और दूसरा है सरकार की भरोसेमंद पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ स्कीम। दोनों ही इन्वेस्टमेंट टूल्स के अपने-अपने फायदे हैं। जहाँ एक तरफ मार्केट के उतार-चढ़ाव के साथ बड़ा फंड बनाने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी रिस्क के सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की सरकारी सुरक्षा मिलती है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आपकी ज़रूरतों के हिसाब से ₹5000 मंथली कंट्रीब्यूशन के लिए कौन सा विकल्प सबसे सही साबित होगा।
जब आप पीपीएफ में हर महीने ₹5000 यानी सालाना ₹60,000 जमा करते हैं, तो 15 साल में आपका कुल निवेश ₹9,00,000 हो जाता है। मौजूदा 7.1 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से इस अवधि में आपको ₹7,27,284 का कुल ब्याज मिलेगा। इस तरह 15 साल पूरे होने पर आपकी कुल मैच्योरिटी राशि ₹16,27,284 हो जाती है। यह पूरा पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और सरकार की गारंटी के कारण आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
पीपीएफ में निवेश का सुरक्षित गणित
अगर आप बिल्कुल भी रिस्क नहीं लेना चाहते और सुरक्षित भविष्य के लिए बचत करना पसंद करते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड आपके लिए एक बेहतरीन जरिया है। फिलहाल पीपीएफ पर सालाना 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है जो केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाता है। इसमें आपको 15 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड मिलता है, जो लंबी अवधि की अनुशासित बचत की आदत डालता है। टैक्स छूट के मामले में भी यह स्कीम सबसे आगे है क्योंकि यह ईईई यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट कैटेगरी में आती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि आपके निवेश, मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है।जब आप पीपीएफ में हर महीने ₹5000 यानी सालाना ₹60,000 जमा करते हैं, तो 15 साल में आपका कुल निवेश ₹9,00,000 हो जाता है। मौजूदा 7.1 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से इस अवधि में आपको ₹7,27,284 का कुल ब्याज मिलेगा। इस तरह 15 साल पूरे होने पर आपकी कुल मैच्योरिटी राशि ₹16,27,284 हो जाती है। यह पूरा पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और सरकार की गारंटी के कारण आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
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