SIP vs SSY Returns: ₹2000 की मंथली सेविंग पर कहाँ मिलेगा ज्यादा फायदा, एसआईपी या सुकन्या समृद्धि योजना

जब भी माता-पिता अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य, उसकी उच्च शिक्षा और शादी-ब्याह के लिए निवेश करने की योजना बनाते हैं, तो उनके सामने दो सबसे लोकप्रिय विकल्प आते हैं। पहला विकल्प है केंद्र सरकार की सुरक्षित सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा विकल्प है म्यूचुअल फंड में की जाने वाली मंथली एसआईपी (SIP)। दोनों ही माध्यमों में आप हर महीने एक छोटी सी रकम जमा करके लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन अक्सर निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि यदि वे हर महीने 2000 रुपये का मासिक निवेश करते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड एसआईपी में से कहाँ उन्हें सबसे ज्यादा रिटर्न और बड़ा कॉपर्स मिलेगा। आइए दोनों के नफा-नुकसान और ब्याज दरों की तुलना करके इस गणित को आसान भाषा में समझते हैं।
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सुकन्या समृद्धि योजना में ₹2000 महीना जमा करने पर कितना मिलेगा फंड

केंद्र सरकार द्वारा संचालित सुकन्या समृद्धि योजना पूरी तरह से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली लघु बचत योजना है। इस योजना के तहत फिलहाल खाताधारकों को 8.2 प्रतिशत की शानदार वार्षिक ब्याज दर मिल रही है। यदि आप अपनी बेटी के नाम पर इस खाते में हर महीने 2000 रुपये यानी सालाना 24,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो नियमों के मुताबिक आपको केवल 15 सालों तक ही पैसे जमा करने होंगे। 15 वर्षों में आपका कुल निवेश 3.60 लाख रुपये हो जाएगा। जब यह खाता खोलने की तारीख से पूरे 21 साल बाद मैच्योर होगा, तो 8.2% चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से आपकी बेटी को लगभग 11.16 लाख रुपये का कुल फंड मिलेगा। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह टैक्स फ्री है और इस पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता।


म्यूचुअल फंड एसआईपी में ₹2000 के मासिक निवेश की रफ्तार जान लीजिए

अब बात करते हैं दूसरे विकल्प यानी म्यूचुअल फंड एसआईपी की, जहाँ आपका पैसा शेयर बाजार से जुड़े फंड्स में निवेश किया जाता है। चूंकि एसआईपी में रिटर्न की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती, लेकिन लंबी अवधि में ऐतिहासिक रूप से म्यूचुअल फंड्स ने काफी तगड़ा रिटर्न दिया है। अगर हम बेहद सामान्य रूप से 12 प्रतिशत का औसत सालाना रिटर्न भी मान कर चलें, तो हर महीने 2000 रुपये की एसआईपी करने पर 15 सालों में आपका कुल निवेश तो 3.60 लाख रुपये ही होगा, लेकिन 12% रिटर्न के हिसाब से 15 साल के अंत में ही आपका यह फंड बढ़कर लगभग 10.09 लाख रुपये हो जाएगा। यदि आप इस पैसे को सुकन्या समृद्धि योजना की तरह ही पूरे 21 सालों तक बिना निकाले निवेशित रखते हैं, तो 12% रिटर्न के हिसाब से 21 साल बाद यह फंड बढ़कर करीब 18.23 लाख रुपये का विशाल कॉपर्स बन जाएगा।



अगर रिटर्न 15% मिला तो एसआईपी बना देगी बहुत आगे

म्यूचुअल फंड एसआईपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहता है और आपको औसतन 15 प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिल जाता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से आपका पैसा बहुत तेजी से भागता है। ऐसी स्थिति में, यदि आप 21 सालों तक हर महीने 2000 रुपये की मंथली एसआईपी जारी रखते हैं, तो मैच्योरिटी के समय आपकी लाडली के लिए लगभग 27.68 लाख रुपये का विशाल फंड तैयार हो सकता है। यह रकम सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाले 11.16 लाख रुपये के मुकाबले दोगुनी से भी कहीं अधिक है। यही वजह है कि जो लोग थोड़ा जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं, वे वेल्थ क्रिएशन के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी को ज्यादा पसंद करते हैं।


आपके लिए सुकन्या समृद्धि और एसआईपी में से कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर

दोनों निवेश माध्यमों की तुलना करने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि रिटर्न के मामले में म्यूचुअल फंड एसआईपी सुकन्या समृद्धि योजना से काफी आगे निकल सकती है। हालांकि, आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि एसआईपी में मार्केट रिस्क यानी बाजार का जोखिम शामिल होता है और इस पर टैक्स के नियम भी लागू होते हैं। दूसरी तरफ, सुकन्या समृद्धि योजना में आपको 100 प्रतिशत सुरक्षा, फिक्स्ड रिटर्न और ईईई (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स छूट का ट्रिपल फायदा मिलता है। वित्तीय जानकारों की सलाह है कि यदि आप बिल्कुल भी जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि खाता आपके लिए सबसे बेस्ट है। वहीं, अगर आप महंगाई को पछाड़कर बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो एसआईपी एक बेहतरीन जरिया है। आप चाहें तो दोनों माध्यमों में आधा-आधा पैसा बांटकर एक संतुलित निवेश रणनीति भी अपना सकते हैं।