South Indian Bank MCLR Cut: ग्राहकों को मिली राहत, बैंक ने कम की ब्याज दरें
बैंक से लोन लेने वालों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। साउथ इंडियन बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर (MCLR) में 0.10 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। बैंक के इस कदम से विभिन्न प्रकार के लोन सस्ते हो सकते हैं। यह खबर उन ग्राहकों के लिए विशेष रूप से सुकून देने वाली है जिन्होंने होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या बिजनेस लोन ले रखा है या लेने की योजना बना रहे हैं।
बैंक द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिन ग्राहकों के लोन एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई (EMI) में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। फ्लोटिंग रेट वाले लोन सीधे तौर पर एमसीएलआर से प्रभावित होते हैं, इसलिए दरों में कटौती का सीधा फायदा ग्राहकों की जेब को होगा।
क्या होता है MCLR?
एमसीएलआर का मतलब मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट होता है। यह वह न्यूनतम ब्याज दर है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज देते हैं। जब कोई बैंक इस दर को कम करता है, तो लोन पर लगने वाला ब्याज भी घट जाता है। इससे कर्ज लेना सस्ता हो जाता है।
ग्राहकों को कैसे मिलेगा लाभ?
ब्याज दरों में इस कटौती के बाद मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई कुछ कम हो सकती है, हालांकि यह उनके लोन की रिसेट अवधि (Reset Period) पर निर्भर करेगा। नए कर्ज लेने वालों को कम ब्याज दरों का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि सस्ता लोन लोगों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करता है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में इस कमी से बाजार में लोन की मांग बढ़ सकती है। यदि अन्य बैंक भी इसी तरह की कटौती करते हैं, तो भविष्य में कर्ज लेना और भी आसान हो सकता है।
साउथ इंडियन बैंक की नई दरें
जनवरी 2026 के बाद संशोधित और फरवरी 2026 से प्रभावी साउथ इंडियन बैंक की नवीनतम एमसीएलआर दरें इस प्रकार हैं: ओवरनाइट एमसीएलआर 8.05 प्रतिशत, एक महीने के लिए 8.50 प्रतिशत, तीन महीने के लिए 9.45 प्रतिशत, छह महीने के लिए 9.50 प्रतिशत और एक साल के लिए 9.55 प्रतिशत। हालिया समीक्षा के बाद इन दरों में 0.10 प्रतिशत तक की कमी की गई है।
जिन ग्राहकों का लोन एमसीएलआर से जुड़ा है, उन्हें अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए ताकि वे जान सकें कि नई दरें उनके लोन पर कब से लागू होंगी। नया लोन लेने की सोच रहे लोग भी इन कम दरों का फायदा उठा सकते हैं। बैंक के इस कदम को भविष्य में ब्याज दरों के और नरम होने के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
बैंक द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिन ग्राहकों के लोन एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई (EMI) में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। फ्लोटिंग रेट वाले लोन सीधे तौर पर एमसीएलआर से प्रभावित होते हैं, इसलिए दरों में कटौती का सीधा फायदा ग्राहकों की जेब को होगा।
क्या होता है MCLR?
एमसीएलआर का मतलब मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट होता है। यह वह न्यूनतम ब्याज दर है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज देते हैं। जब कोई बैंक इस दर को कम करता है, तो लोन पर लगने वाला ब्याज भी घट जाता है। इससे कर्ज लेना सस्ता हो जाता है।You may also like
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ग्राहकों को कैसे मिलेगा लाभ?
ब्याज दरों में इस कटौती के बाद मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई कुछ कम हो सकती है, हालांकि यह उनके लोन की रिसेट अवधि (Reset Period) पर निर्भर करेगा। नए कर्ज लेने वालों को कम ब्याज दरों का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि सस्ता लोन लोगों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करता है। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में इस कमी से बाजार में लोन की मांग बढ़ सकती है। यदि अन्य बैंक भी इसी तरह की कटौती करते हैं, तो भविष्य में कर्ज लेना और भी आसान हो सकता है।
साउथ इंडियन बैंक की नई दरें
जनवरी 2026 के बाद संशोधित और फरवरी 2026 से प्रभावी साउथ इंडियन बैंक की नवीनतम एमसीएलआर दरें इस प्रकार हैं: ओवरनाइट एमसीएलआर 8.05 प्रतिशत, एक महीने के लिए 8.50 प्रतिशत, तीन महीने के लिए 9.45 प्रतिशत, छह महीने के लिए 9.50 प्रतिशत और एक साल के लिए 9.55 प्रतिशत। हालिया समीक्षा के बाद इन दरों में 0.10 प्रतिशत तक की कमी की गई है। जिन ग्राहकों का लोन एमसीएलआर से जुड़ा है, उन्हें अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए ताकि वे जान सकें कि नई दरें उनके लोन पर कब से लागू होंगी। नया लोन लेने की सोच रहे लोग भी इन कम दरों का फायदा उठा सकते हैं। बैंक के इस कदम को भविष्य में ब्याज दरों के और नरम होने के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।









