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सुकन्या समृद्धि योजना 2026: क्या नए साल में बढ़ी ब्याज दरें? जानें जुड़वा बेटियों के लिए नियम

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नए साल की शुरुआत के साथ ही अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की योजना बना रहे अभिभावकों के मन में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को लेकर कई सवाल हैं। क्या इस साल ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी हुई है? क्या जुड़वा बेटियों के मामले में नियम कुछ अलग हैं? आइए, इन सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब आसान भाषा में जानते हैं।
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नए साल में क्या है ब्याज दर का हाल?

जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ कई लोगों को उम्मीद थी कि सरकार सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरों में इजाफा करेगी। हालांकि वित्त मंत्रालय ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए ब्याज दर को 8.2% प्रति वर्ष पर स्थिर रखा है।

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बता दें कि यह दर 1 अप्रैल 2024 से लगातार इसी स्तर पर बनी हुई है। भले ही इस बार बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन 8.2% की यह दर आज भी कई बड़े बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों से काफी बेहतर है। सरकार हर तिमाही में इन दरों की समीक्षा करती है, जो मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड की यील्ड पर निर्भर करती है।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?



यह केंद्र सरकार की एक बेहद लोकप्रिय बचत योजना है, जो विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा और शादी के खर्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
  • उम्र सीमा: बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु होने तक कभी भी यह खाता खोला जा सकता है।
  • खाता कहाँ खुलवाएं: आप किसी भी नजदीकी डाकघर (Post Office) या अधिकृत बैंक में जाकर यह खाता शुरू कर सकते हैं।
  • निवेश की सीमा: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं।

जुड़वा या तीन बेटियों के लिए विशेष नियम



सामान्य तौर पर एक परिवार में केवल दो बेटियों के लिए ही सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की अनुमति है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसमें छूट दी गई है:
  1. अगर पहली बेटी के बाद जुड़वा (Twins) या तीन (Triplets) बेटियाँ पैदा होती हैं, तो उन सभी के नाम पर अलग-अलग खाते खोले जा सकते हैं।
  2. इसके लिए अभिभावक को जन्म प्रमाण पत्र के साथ एक शपथ पत्र (Affidavit) जमा करना होता है।
  3. इस तरह एक ही परिवार की दो से अधिक बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सकता है।

खाते का संचालन और मैच्योरिटी



बेटी के 18 वर्ष के होने तक अभिभावक खाते की देखरेख करते हैं। इसके बाद बेटी खुद जरूरी दस्तावेज जमा करके खाते की कमान संभाल सकती है। यह खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद मैच्योर होता है। हालांकि बेटी के 18 साल की होने पर उच्च शिक्षा के लिए कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है।



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