Mutual Fund Returns Update: पिछले 6 महीनों में इन 10 म्यूचुअल फंड्स ने दिया 12% से 22% तक का रिटर्न

शेयर बाजार की उठापटक और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद पिछले 6 महीनों में कई सेक्टोरल और थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को बेहतरीन शॉर्ट-टर्म रिटर्न दिया है। जिन निवेशकों ने पावर, डिफेंस, हेल्थकेयर, कैपिटल मार्केट्स और नेचुरल रिसोर्सेज जैसे सेक्टर्स में अपना पैसा लगाए रखा, उन्हें इस दौरान 12% से 22% तक का आकर्षक मुनाफा देखने को मिला है।
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दिलचस्प बात यह है कि सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले ये ज्यादातर फंड्स सेक्टोरल और थीमैटिक कैटेगरी के हैं। ये फंड्स तब तो बहुत तेजी से भागते हैं जब उस सेक्टर का समय अच्छा चल रहा हो, लेकिन जैसे ही उस सेक्टर की रफ्तार धीमी होती है, इनमें गिरावट भी उतनी ही तेजी से आती है।

इस लेख में हम मई 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर पिछले 6 महीनों में 12% से 22% तक रिटर्न देने वाले 10 म्यूचुअल फंड्स की समीक्षा करेंगे। साथ ही हम इनके निवेश के उद्देश्य, जोखिम और हमारी राय के बारे में भी बात करेंगे।


हमने इन म्यूचुअल फंड्स को कैसे चुना?

पिकली छमाही में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले फंड्स की यह लिस्ट तैयार करने के लिए हमने इक्विटी म्यूचुअल फंड की इन कैटेगरीज पर विचार किया है:
  • सेक्टरल म्यूचुअल फंड (Sectoral Mutual Funds)
  • थीमैटिक म्यूचुअल फंड (Thematic Mutual Funds)
  • इंडेक्स फंड (Index Funds)
  • ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स (ETF FoFs)
  • डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड (Diversified Equity Mutual Funds)

इस लिस्ट को बिल्कुल सटीक रखने के लिए हमने इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स, ग्लोबल इक्विटी फंड्स, ओवरसीज फंड ऑफ फंड्स (FoFs) और डायरेक्ट ईटीएफ (ETFs) को इससे बाहर रखा है।

यह पूरी लिस्ट केवल 'डायरेक्ट प्लान्स' के 6 महीने के प्रदर्शन पर आधारित है, जिसके आंकड़े 22 मई 2026 तक के हैं। इस जानकारी का उद्देश्य केवल आपको म्यूचुअल फंड के हालिया ट्रेंड्स से अवगत कराना है।


पिछले 6 महीनों में 12% से 22% रिटर्न देने वाले टॉप 10 म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट


1) Groww BSE Power ETF FOF – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह फंड मुख्य रूप से पावर (बिजली) सेक्टर की कंपनियों को ट्रैक करने वाले ईटीएफ में निवेश करता है। इसका लक्ष्य बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस की ग्रोथ का फायदा उठाना है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 22.3%
किसे निवेश करना चाहिए: ऐसे निवेशक जो ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और जिन्हें भारत के पावर व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के भविष्य पर पूरा भरोसा है।
जोखिम के कारक: एक ही सेक्टर में पूरा पैसा होने का रिस्क, बाजार की गिरावट में भारी उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों में बदलाव का खतरा।
हमारी राय: इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च बढ़ने से पावर सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। लेकिन याद रखें कि सेक्टोरल फंड्स में तेजी और मंदी का चक्र चलता रहता है।

2) DSP Natural Resources and New Energy Fund – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह फंड प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा, माइनिंग (खनन), यूटिलिटीज और न्यू एनर्जी (नई ऊर्जा) के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों में निवेश करता है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 18.0%
  • 1 साल: 27.1%
  • 3 साल: 26.0%
  • 5 साल: 19.0%
  • 10 साल: 20.8%

किसे निवेश करना चाहिए: आक्रामक निवेशक जो कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर में पैसा लगाना चाहते हैं और जिनमें उतार-चढ़ाव झेलने की क्षमता है।
जोखिम के कारक: कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल मंदी का असर।
हमारी राय: इस फंड ने अलग-अलग समय में लंबी अवधि में बेहतरीन निरंतरता दिखाई है, लेकिन कमोडिटी से जुड़े सेक्टर्स में काफी तेज उतार-चढ़ाव आते हैं।


3) Motilal Oswal Nifty Capital Market Index Fund – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह स्कीम स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकरेज कंपनियों, एसेट मैनेजमेंट (एएमसी) और शेयर बाजार के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों में निवेश करती है।
सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 17.7%
  • 1 साल: 36.5%

किसे निवेश करना चाहिए: वो निवेशक जो भारतीय शेयर बाजार और कैपिटल मार्केट के विकास को लेकर आशान्वित हैं।
जोखिम के कारक: बाजार के सेंटिमेंट और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर अत्यधिक निर्भरता।
हमारी राय: रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के कारण इस थीम ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन किसी एक सेक्टर में बहुत ज्यादा पैसा लगाने से बचें।

4) Tata Nifty Capital Markets Index Fund – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह इंडेक्स फंड भारत के कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 17.5%
  • 1 साल: 36.0%

किसे निवेश करना चाहिए: मध्यम से लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले आक्रामक निवेशक।
जोखिम के कारक: मार्केट साइकिल पर निर्भरता और मंदी के समय कमाई घटने का जोखिम।
हमारी राय: भारत में लोगों का झुकाव फाइनेंशियल एसेट्स की तरफ बढ़ रहा है, जिसका फायदा इस फंड को मिला है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो के विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) के हिसाब से ही इसमें एलोकेशन तय करें।

5) HDFC Defence Fund – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह फंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (रक्षा उत्पादन), एयरोस्पेस और उससे जुड़े अन्य सेक्टर्स की कंपनियों में निवेश करता है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 13.9%
  • 1 साल: 16.6%

किसे निवेश करना चाहिए: भारत के रक्षा क्षेत्र में हो रहे स्वदेशी विनिर्माण और विकास का लाभ उठाने के इच्छुक लंबी अवधि के निवेशक।
जोखिम के कारक: डिफेंस सेक्टर का महंगा वैल्यूएशन और सरकारी नीतियों व बजट पर निर्भरता।
हमारी राय: घरेलू विनिर्माण और एक्सपोर्ट पर सरकार के कड़े फोकस की वजह से डिफेंस फंड्स की तरफ निवेशकों का आकर्षण बढ़ा है, लेकिन इस समय इस सेगमेंट के वैल्यूएशन काफी बढ़े हुए दिख रहे हैं।


6) HDFC Pharma and Healthcare Fund – Direct Plan

फंड का उद्देश्य: यह फंड मुख्य रूप से फार्मास्युटिकल, हेल्थकेयर, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक्स और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े व्यवसायों में निवेश करता है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 13.1%
  • 1 साल: 21.7%

किसे निवेश करना चाहिए: लंबी अवधि के लिए हेल्थकेयर थीम में निवेश करने के इच्छुक मध्यम से आक्रामक निवेशक।
जोखिम के कारक: रेगुलेटरी रिस्क और वैश्विक बाजारों में दवाओं की कीमतों का दबाव।
हमारी राय: जब बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तब हेल्थकेयर फंड्स पोर्टफोलियो को स्थिरता (डिफेंसिव सपोर्ट) देने का काम करते हैं।

7) Mirae Asset Healthcare Fund – Direct Plan


फंड का उद्देश्य: यह स्कीम फार्मा, बायोटेक, डायग्नोस्टिक्स और हेल्थकेयर सर्विसेज देने वाली कंपनियों में निवेश करती है।

सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 13.0%
  • 1 साल: 17.8%
  • 3 साल: 29.8%
  • 5 साल: 16.8%

किसे निवेश करना चाहिए: मध्यम से उच्च जोखिम क्षमता वाले निवेशक जो हेल्थकेयर सेक्टर में अवसर तलाश रहे हैं।
जोखिम के कारक: सेक्टर-विशिष्ट उतार-चढ़ाव और एक्सपोर्ट से जुड़े जोखिम।
हमारी राय: इस फंड ने 3 साल की अवधि में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। आर्थिक अनिश्चितता के दौर में हेल्थकेयर थीम आमतौर पर बेहतर प्रदर्शन करती है।

8) Kotak Healthcare Fund – Direct Plan


फंड का उद्देश्य: यह फंड भी मुख्य रूप से फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियों के पोर्टफोलियो में निवेश करता है।
सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 13.0%
  • 1 साल: 18.1%
किसे निवेश करना चाहिए: पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन चाहने वाले लंबी अवधि के निवेशक।
जोखिम के कारक: फार्मा सेक्टर की विनियामक (रेगुलेटरी) चुनौतियां और वैल्यूएशन का जोखिम।
हमारी राय: हेल्थकेयर सेक्टर के फंड्स आपके इक्विटी पोर्टफोलियो को एक अच्छा डाइवर्सिफिकेशन दे सकते हैं, बशर्ते आपका नजरिया लंबी अवधि का हो।


9) Kotak MNC Fund – Direct Plan


फंड का उद्देश्य: यह फंड भारत में काम करने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) के शेयरों में अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करता है।
सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 13.0%
  • 1 साल: 23.6%

किसे निवेश करना चाहिए: स्थापित और मजबूत बिजनेस में निवेश कर लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन चाहने वाले निवेशक।
जोखिम के कारक: डाइवर्सिफिकेशन की सीमित गुंजाइश और ग्लोबल बिजनेस से जुड़े रिस्क।
हमारी राय: एमएनसी फंड्स आमतौर पर आर्थिक रूप से बेहद मजबूत और स्थापित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में निवेश करते हैं, जिससे इनमें अपेक्षाकृत स्थिरता रहती है।

10) Groww Nifty India Defence ETF FoF – Direct Plan


फंड का उद्देश्य: यह स्कीम डिफेंस सेक्टर की कंपनियों को ट्रैक करने वाले ईटीएफ में पैसा लगाती है।
सालाना रिटर्न:
  • 6 महीने: 12.4%
  • 1 साल: 10.4%

किसे निवेश करना चाहिए: उच्च जोखिम लेने वाले निवेशक जो डिफेंस थीम के उतार-चढ़ाव को झेलने में सहज हैं।
जोखिम के कारक: सेक्टर कंसंट्रेशन रिस्क और बड़ी तेजी के बाद आने वाली अचानक गिरावट का खतरा।
हमारी राय: शानदार मोमेंटम के कारण डिफेंस थीम लगातार निवेशकों को लुभा रही है, लेकिन किसी एक सेक्टर में बहुत ज्यादा केंद्रित निवेश पोर्टफोलियो के जोखिम को बढ़ा देता है।

म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन से जुड़ी कुछ मुख्य बातें

  • पिछले कुछ समय में सेक्टोरल और थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स का दबदबा रहा है।
  • पावर और कैपिटल मार्केट जैसी थीम्स ने शॉर्ट-टर्म में सबसे तगड़ा रिटर्न दिया है।
  • हेल्थकेयर और डिफेंस फंड्स ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया और अच्छा मुनाफा दिया।
  • केवल हालिया रिटर्न को देखकर किसी भी फंड में निवेश करने की गलती न करें।
  • थीमैटिक फंड्स के जोखिम को कम करने के लिए एसआईपी (SIP) का रास्ता चुनना हमेशा बेहतर होता है।

क्या आपको अभी इन म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए?

निवेशकों को यह बात अच्छी तरह समझनी चाहिए कि शॉर्ट-टर्म का अच्छा रिटर्न हमेशा ऐसे ही जारी नहीं रहेगा। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड तब तक बहुत अच्छे लगते हैं जब तक उनका बिजनेस साइकिल अच्छा चल रहा हो, लेकिन मंदी आने पर ये लंबे समय तक घाटा भी दे सकते हैं।

हालिया विजेताओं के पीछे भागने के बजाय आपको इन बातों पर विचार करना चाहिए:
  • आपके वित्तीय लक्ष्य क्या हैं?
  • आपकी जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Appetite) कितनी है?
  • आप कितने समय के लिए निवेश कर रहे हैं?

ज्यादातर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आपके मुख्य पोर्टफोलियो (Core Portfolio) में लार्जकैप, फ्लेक्सीकैप या मल्टीकैप जैसे डाइवर्सिफाइड फंड होने चाहिए, जबकि सेक्टोरल या थीमैटिक फंड्स का इस्तेमाल पोर्टफोलियो में केवल थोड़े से हिस्से (Satellite Allocation) के तौर पर ही किया जाना चाहिए।

पिछले 6 महीने चुनिंदा सेक्टोरल और थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स के निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद पावर, कैपिटल मार्केट, हेल्थकेयर और डिफेंस थीम्स ने जोरदार रिटर्न दिया है।


लेकिन हमेशा याद रखें कि जहां रिटर्न ज्यादा होता है, वहां जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है। ये फंड काफी उतार-चढ़ाव वाले होते हैं, इसलिए कम जोखिम चाहने वाले पारंपरिक निवेशकों को इनसे दूर रहना चाहिए। अपने निवेश को अलग-अलग कैटेगरीज में बांटें और केवल हालिया परफॉर्मेंस के आधार पर एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय अनुशासित एसआईपी (SIP) को प्राथमिकता दें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक और सामान्य जानकारी साझा करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह या सिफारिश के रूप में न देखा जाए। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। कोई भी निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें और स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।