ट्रेन में गेट पर खड़े होना है कितना खतरनाक? जानिए रेलवे का नियम और सजा

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ट्रेन में गेट पर खड़े होना कई यात्रियों को सामान्य बात लग सकती है, खासकर जब डिब्बे में भीड़ हो। कुछ लोग सफर के दौरान हवा लेने के लिए दरवाजे के पास खड़े होते हैं, जबकि कुछ यात्री सेल्फी, वीडियो या रील बनाने के लिए फुटबोर्ड तक पहुंच जाते हैं। हालांकि, ऐसा करना न सिर्फ जानलेवा हो सकता है, बल्कि रेलवे के नियमों के तहत कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।
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ट्रेन के गेट पर खड़े होना क्यों खतरनाक?

चलती ट्रेन में दरवाजे या फुटबोर्ड पर खड़े रहने से गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। ट्रेन की रफ्तार बदलने, अचानक ब्रेक लगने या ट्रैक पर मोड़ आने से तेज झटका लग सकता है। ऐसे में दरवाजे के पास खड़ा व्यक्ति अपना संतुलन खो सकता है और गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकता है।

डिब्बे के अंदर यात्री को अपेक्षाकृत सुरक्षित जगह मिलती है, लेकिन फुटबोर्ड पर खड़े होने वाले व्यक्ति के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती।


बाहर झांकना भी पड़ सकता है भारी

कई यात्री ट्रेन से बाहर झांकते हुए फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं। यह आदत बेहद खतरनाक हो सकती है। रेलवे ट्रैक के आसपास बिजली के खंभे, सिग्नल, पेड़ और दूसरी संरचनाएं मौजूद होती हैं।

चलती ट्रेन से शरीर बाहर निकालने पर इन चीजों से टकराने का खतरा रहता है। तेज रफ्तार में ऐसी टक्कर गंभीर चोट या जान जाने की वजह बन सकती है। इसलिए ट्रेन में यात्रा करते समय दरवाजे से बाहर झांकने या शरीर बाहर निकालने से बचना चाहिए।

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रेलवे एक्ट की धारा 156 क्या कहती है?

फुटबोर्ड या ट्रेन के ऐसे हिस्से पर यात्रा करना जहां यात्रियों को बैठने या खड़े होने की अनुमति नहीं है, केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है। रेलवे अधिनियम की धारा 156 ऐसे व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान करती है।

यदि कोई यात्री रेलवे कर्मचारी की चेतावनी के बावजूद ट्रेन के इंजन या फुटबोर्ड जैसी प्रतिबंधित जगह पर यात्रा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कितना हो सकता है जुर्माना और सजा?

रेलवे अधिनियम की धारा 156 के तहत नियम तोड़ने वाले यात्री को:

  • 500 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
  • तीन महीने तक की जेल हो सकती है।
  • परिस्थितियों के अनुसार जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान हो सकता है।
इसलिए केवल कुछ मिनट की यात्रा या वीडियो के लिए रेलवे के सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।


ट्रेन में भीड़ हो तो क्या करें?

कई यात्री भीड़ का हवाला देकर दरवाजे पर खड़े होने या फुटबोर्ड पर सफर करने को मजबूरी बताते हैं। लेकिन भीड़ होने की स्थिति में भी ट्रेन के बाहर खड़े होकर यात्रा करना सुरक्षित विकल्प नहीं है।

अगर डिब्बे में बहुत ज्यादा भीड़ है और सुरक्षित तरीके से यात्रा करना संभव नहीं है, तो रेलवे स्टाफ से मदद लें। जरूरत पड़ने पर अगली ट्रेन का इंतजार करना बेहतर है। कुछ मिनट बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना उचित नहीं है।

ट्रेन यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

सुरक्षित रेल यात्रा के लिए यात्रियों को कुछ सामान्य सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए:

  • ट्रेन चलने के बाद दरवाजे या फुटबोर्ड पर खड़े न हों।
  • चलती ट्रेन से बाहर न झांकें और शरीर बाहर न निकालें।
  • सेल्फी या रील के लिए खतरनाक स्टंट न करें।
  • बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों पर विशेष नजर रखें।
  • किसी यात्री को खतरनाक तरीके से यात्रा करते देखें तो उसे सावधान करें।
  • जरूरत पड़ने पर तुरंत रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी दें।
रेल यात्रा का आनंद तभी सुरक्षित है जब यात्री अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। दरवाजे पर खड़े होकर हवा लेने या कुछ सेकंड का वीडियो बनाने से ज्यादा जरूरी आपकी जिंदगी है।

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