EPFO Magic: 50,000 की सैलरी से कैसे बनेंगे 5.5 करोड़ के मालिक? जानें पूरा कैलकुलेशन
रिटायरमेंट के बाद एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए एक बड़ा बैंक बैलेंस होना हर किसी का सपना होता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बहुत बड़ा निवेश या कोई जादुई स्कीम चाहिए, लेकिन सच तो यह है कि आपके वेतन का एक छोटा सा हिस्सा जो हर महीने ईपीएफओ (EPFO) में जमा होता है, वही आपको करोड़ों का मालिक बना सकता है।
अगर आपकी मासिक बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो आप रिटायरमेंट तक 5.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आसानी से तैयार कर सकते हैं। आइए समझते हैं इस जादुई गणित को और जानते हैं कि 'कंपाउंडिंग' (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत कैसे काम करती है।
5.5 करोड़ रुपये का फंड: कैसे काम करता है यह गणित?
मान लीजिए आपकी उम्र 22 साल है और आपने अभी-अभी नौकरी शुरू की है। आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर कुल 50,000 रुपये है। अब देखते हैं कि 60 वर्ष की आयु (रिटायरमेंट) तक यह निवेश कैसे बढ़ेगा:
मासिक योगदान: ईपीएफओ नियमों के अनुसार, आपकी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत आपके पीएफ खाते में जाता है और उतना ही योगदान आपकी कंपनी भी देती है। हालांकि, कंपनी के योगदान का एक हिस्सा पेंशन (EPS) में जाता है, लेकिन कुल मिलाकर आपके खाते में एक अच्छी राशि जमा होती रहती है।
सैलरी में बढ़ोत्तरी: समय के साथ आपकी सैलरी भी बढ़ेगी। अगर हम एक औसत 6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि (Salary Hike) मानकर चलें, तो हर साल आपका पीएफ योगदान भी बढ़ता जाएगा।
अगर आपकी मासिक बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो आप रिटायरमेंट तक 5.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आसानी से तैयार कर सकते हैं। आइए समझते हैं इस जादुई गणित को और जानते हैं कि 'कंपाउंडिंग' (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत कैसे काम करती है।
5.5 करोड़ रुपये का फंड: कैसे काम करता है यह गणित?
मान लीजिए आपकी उम्र 22 साल है और आपने अभी-अभी नौकरी शुरू की है। आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर कुल 50,000 रुपये है। अब देखते हैं कि 60 वर्ष की आयु (रिटायरमेंट) तक यह निवेश कैसे बढ़ेगा:मासिक योगदान: ईपीएफओ नियमों के अनुसार, आपकी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत आपके पीएफ खाते में जाता है और उतना ही योगदान आपकी कंपनी भी देती है। हालांकि, कंपनी के योगदान का एक हिस्सा पेंशन (EPS) में जाता है, लेकिन कुल मिलाकर आपके खाते में एक अच्छी राशि जमा होती रहती है।
सैलरी में बढ़ोत्तरी: समय के साथ आपकी सैलरी भी बढ़ेगी। अगर हम एक औसत 6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि (Salary Hike) मानकर चलें, तो हर साल आपका पीएफ योगदान भी बढ़ता जाएगा।
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