EPFO Update 2026: VPF में निवेश करना कितना फायदेमंद? जानें पूरी डिटेल

देशभर के करोड़ों कर्मचारियों और EPFO सब्सक्राइबर्स के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार अब Employees Pension Scheme-1995 की जगह नई Employees Pension Scheme-2026 लागू करने की तैयारी कर रही है।
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नई पेंशन योजना का सबसे बड़ा असर न्यूनतम पेंशन पर पड़ सकता है। फिलहाल कई कर्मचारियों को लगभग 5,000 रुपये तक पेंशन मिलती है, लेकिन नई pro-rata formula व्यवस्था के तहत पेंशन अपडेट करने की तैयारी चल रही है।

इस समय इस योजना में अधिकतम सैलरी यानी Basic + DA और नौकरी से जुड़ी सीमा तय है। हालांकि इस पूरी चर्चा के बीच अब Voluntary Provident Fund यानी VPF भी तेजी से चर्चा में आ गया है।



EPFO ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी

Employees’ Provident Fund Organisation यानी EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर ब्याज दर 8.25% बनाए रखने का फैसला किया है।

लगातार तीसरे साल यही ब्याज दर लागू रहने से नौकरीपेशा लोगों को स्थिरता मिली है। बदलती बाजार दरों के बीच यह फैसला कई कर्मचारियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।


अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कर्मचारियों को Voluntary Provident Fund यानी VPF में अपना योगदान बढ़ाना चाहिए?


क्या है VPF और कैसे करता है काम?

VPF यानी Voluntary Provident Fund कर्मचारियों को अपने EPF अकाउंट में अतिरिक्त योगदान करने की सुविधा देता है।

आमतौर पर कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और DA का 12% EPF में जमा करते हैं। लेकिन VPF के जरिए कर्मचारी चाहें तो अपनी बेसिक सैलरी और DA का 100% तक योगदान कर सकते हैं।

हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि employer अतिरिक्त योगदान पर matching amount नहीं देता।


फिर भी अच्छी बात यह है कि VPF पर वही ब्याज मिलता है जो EPF पर मिलता है। यानी फिलहाल VPF जमा पर भी 8.25% ब्याज मिलेगा।


क्यों आकर्षक बन रहा है VPF निवेश?

आज के समय में 8.25% का guaranteed return कई पारंपरिक निवेश विकल्पों की तुलना में काफी आकर्षक माना जा रहा है।

तुलना करें तो:

बैंक FD

अधिकांश बैंक Fixed Deposit पर टैक्स से पहले लगभग 6.5% से 8% तक ब्याज देते हैं।

सेविंग अकाउंट

Savings Account पर आमतौर पर 2.5% से 4% तक ब्याज मिलता है।


Small Savings Schemes

सरकारी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें निवेश अवधि के हिसाब से अलग-अलग होती हैं।

ऐसे में VPF कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।


VPF में मिलता है शानदार Tax Benefit

VPF की सबसे बड़ी खासियत इसका टैक्स फायदा है।

यह EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt फ्रेमवर्क के तहत आता है। इसका मतलब:

  • निवेश पर टैक्स छूट
  • ब्याज पर टैक्स छूट
  • मैच्योरिटी राशि पर भी टैक्स छूट
Section 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक deduction का फायदा मिलता है।


साथ ही, लगातार 5 साल बाद निकासी करने पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती।

खासतौर पर 30% टैक्स स्लैब वाले कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था वास्तविक रिटर्न को और ज्यादा बढ़ा देती है।


हर किसी के लिए सही नहीं है VPF

हालांकि VPF के कई फायदे हैं, लेकिन हर कर्मचारी के लिए इसमें ज्यादा निवेश करना सही फैसला नहीं हो सकता।

VPF एक long-term retirement saving option है। इसमें निकासी पर कुछ शर्तें लागू होती हैं।

जैसे: