मशरूम फार्मिंग से बदल जाएगी किस्मत: कम लागत और बंपर मुनाफा, जानें शुरू करने का सही तरीका
मशरूम की खेती ही क्यों चुनें?
मशरूम की खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए आपको किसी बड़े खेत या बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती। आप इसे अपने घर के किसी ठंडे और अंधेरे कमरे में भी आसानी से उगा सकते हैं। इसके अलावा, मशरूम बहुत कम समय (करीब 30 से 45 दिन) में तैयार हो जाता है। प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट और आम घरों में इसकी खपत बहुत तेजी से बढ़ रही है।
खेती शुरू करने की प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप गाइड
अगर आप इस बिजनेस में कदम रखना चाहते हैं, तो इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं:
- जगह का चयन: मशरूम उगाने के लिए एक ऐसा कमरा चुनें जहाँ सीधी धूप न आती हो और वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था हो। कमरे का तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना चाहिए।
- माध्यम तैयार करना (Compost): मशरूम उगाने के लिए भूसे (गेहूं या धान का भूसा) का उपयोग किया जाता है। इस भूसे को कीटाणुरहित करने के लिए इसे गर्म पानी या रसायनों से उपचारित किया जाता है।
- बीज डालना (Spawning): तैयार भूसे में मशरूम के बीज, जिन्हें 'स्पॉन' कहा जाता है, मिलाए जाते हैं। इसके बाद इसे प्लास्टिक के बैग में भरकर रख दिया जाता है।
- देखभाल और नमी: मशरूम को नमी बहुत पसंद है। इसलिए समय समय पर कमरे में पानी का छिड़काव करना जरूरी है ताकि नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत बना रहे।
लागत और मुनाफे का गणित
मशरूम फार्मिंग की शुरुआत आप मात्र 5,000 से 10,000 रुपये के निवेश के साथ कर सकते हैं। इसमें बीज, भूसा और प्लास्टिक बैग का खर्च शामिल होता है।
मुनाफे की बात करें तो एक किलो मशरूम उगाने की लागत करीब 30 से 40 रुपये आती है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 150 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति किलो तक होती है। अगर आप छोटे स्तर पर 100 बैग से भी शुरुआत करते हैं, तो आप महीने के 40,000 से 50,000 रुपये आसानी से कमा सकते हैं। बटन मशरूम और ऑयस्टर मशरूम जैसी किस्में बाजार में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।
बाजार में कैसे बेचें?
मशरूम तैयार होने के बाद इसकी मार्केटिंग सबसे अहम हिस्सा है। आप अपने नजदीकी सब्जी मंडी, स्थानीय बाजारों या सुपरमार्केट से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आज के डिजिटल युग में आप सोशल मीडिया या ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप्स के माध्यम से भी सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। अगर आप इसे सूखाकर या इसका पाउडर बनाकर बेचते हैं, तो आपकी कमाई और भी बढ़ सकती है।
ट्रेनिंग और सरकारी सहायता
अगर आपको खेती का अनुभव नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार और कई कृषि विश्वविद्यालय मशरूम की खेती के लिए छोटी अवधि के ट्रेनिंग कोर्स करवाते हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप इस बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए लोन भी ले सकते हैं। कुछ राज्यों में मशरूम फार्मिंग शुरू करने के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जा रही है।