PPF New Rules 2026: पीपीएफ में निवेश करने वाले सावधान, इन 5 नियमों को जान लिया तो मिलेगा दोगुना फायदा
जब बात सुरक्षित निवेश और सरकारी गारंटी की आती है, तो भारत में आज भी 'पब्लिक प्रोविडेंट फंड' यानी पीपीएफ का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। बहुत से लोग इसे सिर्फ टैक्स बचाने का एक जरिया मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीपीएफ सिर्फ एक बचत योजना नहीं है? यह सही रणनीति के साथ निवेश करने पर आपको करोड़पति बनाने की ताकत रखता है। अक्सर लोग खाता खोलकर उसमें साल के अंत में कुछ पैसे डाल देते हैं और सोचते हैं कि काम पूरा हो गया, लेकिन असल में आप बहुत बड़ा मुनाफा छोड़ रहे हैं। आइए जानते हैं पीपीएफ से जुड़ी वे 5 जरूरी बातें जो आपके निवेश को स्मार्ट बनाएंगी।
1. तारीखों का बड़ा खेल: 5 तारीख से पहले निवेश क्यों?
अधिकतर नौकरीपेशा लोग वेतन आने के बाद महीने के आखिरी हफ्ते में निवेश करते हैं, जो पीपीएफ के मामले में सबसे बड़ी गलती है। पीपीएफ में ब्याज की गणना महीने की 5 तारीख और आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करते हैं, तो आपको उस पूरे महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। अधिकतम लाभ पाने के लिए हमेशा महीने की 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
2. बैंक लोन से सस्ता है पीपीएफ लोन
आपात स्थिति में लोग अक्सर महंगे पर्सनल लोन के चक्कर में फंस जाते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि आपके पीपीएफ खाते में जमा रकम पर आप लोन भी ले सकते हैं। खाता खोलने के तीसरे साल से लेकर छठे साल के बीच आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसकी ब्याज दर पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से मात्र 1% अधिक होती है। यह बाजार में मिलने वाले किसी भी अन्य लोन से काफी सस्ता और सुरक्षित विकल्प है।
3. कानूनी सुरक्षा का अभेद्य कवच
पीपीएफ की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। कानूनन आपके पीपीएफ खाते में जमा पैसे को कोई भी बैंक या अदालत कुर्क नहीं कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति पर बड़ा कर्ज है या वह दिवालिया हो जाता है, तब भी उसकी पीपीएफ राशि सुरक्षित रहती है। यह सुरक्षा म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य निजी निवेश योजनाओं में नहीं मिलती है। यह आपके परिवार के भविष्य के लिए एक 'सेफ डिपॉजिट' की तरह काम करता है।
4. 15 साल तो सिर्फ शुरुआत है
लोग अक्सर सोचते हैं कि 15 साल बाद पीपीएफ खाता बंद हो जाएगा, लेकिन असली कंपाउंडिंग का जादू तो इसके बाद शुरू होता है। आप 15 साल की मैच्योरिटी के बाद अपने खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ा सकते हैं। अगर आप इसे लंबे समय तक जारी रखते हैं, तो 'पावर ऑफ कंपाउंडिंग' की वजह से आपका छोटा सा निवेश रिटायरमेंट तक एक विशाल फंड में तब्दील हो सकता है।
5. बच्चों के नाम खाता और 'EEE' का लाभ
आप अपने बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। यह उनके उच्च शिक्षा या बिजनेस के लिए टैक्स फ्री फंड बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। पीपीएफ 'EEE' श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि आपके निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
कुछ जरूरी बातें जो याद रखनी चाहिए
1. तारीखों का बड़ा खेल: 5 तारीख से पहले निवेश क्यों?
अधिकतर नौकरीपेशा लोग वेतन आने के बाद महीने के आखिरी हफ्ते में निवेश करते हैं, जो पीपीएफ के मामले में सबसे बड़ी गलती है। पीपीएफ में ब्याज की गणना महीने की 5 तारीख और आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करते हैं, तो आपको उस पूरे महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। अधिकतम लाभ पाने के लिए हमेशा महीने की 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।2. बैंक लोन से सस्ता है पीपीएफ लोन
आपात स्थिति में लोग अक्सर महंगे पर्सनल लोन के चक्कर में फंस जाते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि आपके पीपीएफ खाते में जमा रकम पर आप लोन भी ले सकते हैं। खाता खोलने के तीसरे साल से लेकर छठे साल के बीच आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसकी ब्याज दर पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से मात्र 1% अधिक होती है। यह बाजार में मिलने वाले किसी भी अन्य लोन से काफी सस्ता और सुरक्षित विकल्प है।You may also like
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3. कानूनी सुरक्षा का अभेद्य कवच
पीपीएफ की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। कानूनन आपके पीपीएफ खाते में जमा पैसे को कोई भी बैंक या अदालत कुर्क नहीं कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति पर बड़ा कर्ज है या वह दिवालिया हो जाता है, तब भी उसकी पीपीएफ राशि सुरक्षित रहती है। यह सुरक्षा म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य निजी निवेश योजनाओं में नहीं मिलती है। यह आपके परिवार के भविष्य के लिए एक 'सेफ डिपॉजिट' की तरह काम करता है। 4. 15 साल तो सिर्फ शुरुआत है
लोग अक्सर सोचते हैं कि 15 साल बाद पीपीएफ खाता बंद हो जाएगा, लेकिन असली कंपाउंडिंग का जादू तो इसके बाद शुरू होता है। आप 15 साल की मैच्योरिटी के बाद अपने खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ा सकते हैं। अगर आप इसे लंबे समय तक जारी रखते हैं, तो 'पावर ऑफ कंपाउंडिंग' की वजह से आपका छोटा सा निवेश रिटायरमेंट तक एक विशाल फंड में तब्दील हो सकता है।5. बच्चों के नाम खाता और 'EEE' का लाभ
आप अपने बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। यह उनके उच्च शिक्षा या बिजनेस के लिए टैक्स फ्री फंड बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। पीपीएफ 'EEE' श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि आपके निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। कुछ जरूरी बातें जो याद रखनी चाहिए
- पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80C में 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का पूरा फायदा उठाएं।
- खाता खोलते समय नॉमिनी (Nominee) जरूर बनाएं, ताकि भविष्य में परिवार को पैसे निकालने में परेशानी न हो।
- साल भर में किस्तों में जमा करने के बजाय, यदि संभव हो तो वित्तीय वर्ष की शुरुआत (1 से 5 अप्रैल के बीच) में ही एकमुश्त राशि जमा कर दें ताकि पूरे 12 महीने का अधिकतम ब्याज मिल सके।
- पीपीएफ केवल एक सरकारी स्कीम नहीं है, बल्कि यह अनुशासित निवेश का एक जरिया है। यदि आप सही समय पर और सही नियमों के साथ इसमें पैसा लगाते हैं, तो यह आपके वित्तीय लक्ष्यों को बिना किसी जोखिम के पूरा कर सकता है।









