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Credit Card New Rules 2026: क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए बदले नियम, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

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क्रेडिट कार्ड आज के दौर में हमारी जीवनशैली का एक अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो, डाइनिंग हो या फिर अचानक आने वाले कोई खर्च, क्रेडिट कार्ड हमेशा हमारे काम आता है। लेकिन अगर आप भी अपनी जेब में क्रेडिट कार्ड रखते हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इसके इस्तेमाल से जुड़े नियमों में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और विभिन्न बैंकों ने मिलकर कुछ ऐसे नियम लागू किए हैं जो सीधे आपके खर्च करने के तरीके और आपके बजट पर असर डालेंगे। आइए विस्तार से समझते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और इनका आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

1. बिलिंग साइकिल और पेमेंट की नई आजादी

अक्सर लोगों को यह शिकायत रहती थी कि उनका क्रेडिट कार्ड बिल महीने की ऐसी तारीख को आता है जब उनके पास पैसों की तंगी होती है। अब आरबीआई ने इसमें बड़ी राहत दी है। अब आप अपने कार्ड की बिलिंग साइकिल (Billing Cycle) को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सैलरी महीने की 10 तारीख को आती है, तो आप अपने बिल की तारीख उसके आसपास सेट कर सकते हैं ताकि पेमेंट करने में कोई दिक्कत न आए। बैंक अब आपको यह बदलाव करने का विकल्प एक से अधिक बार भी दे सकते हैं।


2. रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक में कटौती

अगर आप केवल रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक के लालच में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते थे, तो अब आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। कई बड़े बैंकों ने रेंट पेमेंट (Rent Payment), यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी का बिल) और सरकारी सेवाओं के भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को या तो खत्म कर दिया है या उन पर लिमिट लगा दी है।

इतना ही नहीं, अब रेंट पेमेंट या बड़े यूटिलिटी ट्रांजेक्शन पर 1 प्रतिशत तक का अतिरिक्त शुल्क (Surcharge) भी वसूला जा रहा है। इसलिए अगली बार घर का किराया क्रेडिट कार्ड से देने से पहले यह जरूर देख लें कि आपको कितना एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ रहा है।

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3. लाउंज एक्सेस के बदले खर्च की शर्त

हवाई अड्डों पर मुफ्त लाउंज एक्सेस (Lounge Access) का आनंद लेने वाले कार्डधारकों के लिए भी नियम बदल गए हैं। अब ज्यादातर बैंक 'फ्री लाउंज एक्सेस' तभी देते हैं जब आपने पिछले क्वार्टर (तीन महीने) में एक निश्चित राशि (जैसे 35,000 या 50,000 रुपये) कार्ड से खर्च की हो। अब सिर्फ कार्ड जेब में होने से आपको फ्री एंट्री नहीं मिलेगी, बल्कि आपको उसे सक्रिय रूप से इस्तेमाल भी करना होगा।

4. लेट पेमेंट और ब्याज दरों का नया गणित

क्रेडिट कार्ड का सबसे खतरनाक हिस्सा होता है उसका ब्याज और लेट पेमेंट फीस। नए नियमों के मुताबिक, बैंक अब लेट पेमेंट फीस तभी लगा सकते हैं जब पेमेंट ड्यू डेट के 3 दिन बाद तक भी पैसा जमा न किया जाए। यह 3 दिन का ग्रेस पीरियड (Grace Period) आपको अनचाहे जुर्माने से बचा सकता है। इसके अलावा, ब्याज की गणना भी अब केवल उस राशि पर होगी जो बकाया है, न कि पूरे बिल पर।

5. कार्ड एक्टिवेशन और सुरक्षा

सुरक्षा के लिहाज से अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि अगर आपने नया कार्ड लिया है और उसे 30 दिनों के भीतर एक्टिवेट नहीं किया, तो बैंक को कार्ड बंद करने से पहले आपकी सहमति लेनी होगी। इसके अलावा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए टोकनाइजेशन (Tokenization) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आपकी कार्ड डिटेल्स मर्चेंट की साइट पर सेव नहीं होंगी और आपका डेटा सुरक्षित रहेगा।

आप पर क्या होगा असर?

इन बदलावों का सीधा मतलब यह है कि अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल 'स्मार्टली' करना होगा। अगर आप बिना सोचे-समझे कार्ड स्वाइप करते हैं, तो रिवॉर्ड पॉइंट्स की कमी और अतिरिक्त शुल्क आपके बजट को बिगाड़ सकते हैं। हालांकि, बिलिंग साइकिल चुनने की आजादी और बेहतर सुरक्षा नियम ग्राहकों के हक में हैं।




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