वोडाफोन आइडिया की किस्मत पलटी! सरकार से मिली ₹23,000 करोड़ की 'संजीवनी', शेयर खरीदने की मची लूट

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नई दिल्ली: शेयर बाजार में सोमवार 4 मई को टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयरों ने जबरदस्त गदर मचाया। निवेशकों के लिए हफ्ते की शुरुआत किसी जैकपॉट से कम नहीं रही। कंपनी का स्टॉक सोमवार को करीब 8% की तूफानी तेजी के साथ ₹11 के पार निकल गया। पिछले सत्र में ₹10.22 पर बंद हुआ यह शेयर आज खरीदारों की पहली पसंद बना रहा।

1 साल में 48% का तगड़ा रिटर्न

वोडाफोन आइडिया के शेयर में हाल के दिनों में जोरदार मोमेंटम देखने को मिल रहा है। सोमवार को शेयर ने ₹11.00 का स्तर छू लिया, जो करीब 7.6% की छलांग है। अगर पिछले रिकॉर्ड्स पर नजर डालें, तो इस स्टॉक ने निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले एक महीने में शेयर में लगभग 21% और महज एक साल में करीब 48% की बढ़त दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी राहत की खबरों ने शॉर्ट टर्म में इसमें जान फूंक दी है, हालांकि अब निवेशकों की नजरें कंपनी के नेटवर्क विस्तार और फंडिंग पर टिकी हैं।

पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए ‘गुड न्यूज’

वोडाफोन आइडिया को मिली इस राहत का असर सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है। जानकारों का कहना है कि यह पूरे भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि वह इस सेक्टर की चुनौतियों को लेकर गंभीर है और मदद के लिए तैयार है। कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी के लिए सरकार का यह फैसला एक ‘लाइफलाइन’ की तरह काम कर रहा है।

कैसे मिली वोडाफोन को इतनी बड़ी राहत?

आपको बता दें कि वोडाफोन आइडिया में सरकार करीब 49% की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। दरअसल, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये में ₹23,649 करोड़ की भारी कटौती कर दी है। इस मेगा रिलीफ के बाद कंपनी का कुल बकाया ₹87,695 करोड़ से घटकर अब सिर्फ ₹64,046 करोड़ रह गया है। इस फैसले ने न केवल कंपनी के डूबने का खतरा टाल दिया है, बल्कि निवेशकों के बीच भी भरोसा जगाया है।

पेमेंट का आसान फॉर्मूला और भविष्य का प्लान

DoT ने कंपनी को राहत देते हुए री-पेमेंट का एक बहुत ही लचीला शेड्यूल तैयार किया है। नई योजना के अनुसार, कंपनी को वित्त वर्ष 2031-32 से 2034-35 तक हर साल सिर्फ ₹100 करोड़ का न्यूनतम भुगतान करना होगा। इसके बाद बची हुई बड़ी रकम को 2035-36 से 2040-41 के बीच छह समान किस्तों में चुकाना होगा। इस लंबे समय से कंपनी के पास कैश की कमी नहीं होगी और वह अपना कामकाज बेहतर कर सकेगी।

अब 5G रोलआउट पर टिकी नजरें

सरकार से क्लीन चिट मिलने के बाद अब वोडाफोन आइडिया का पूरा फोकस फंड जुटाने पर है। कंपनी ने ₹45,000 करोड़ का भारी-भरकम ‘कैपेक्स प्लान’ तैयार किया है। इसके जरिए कंपनी ₹25,000 करोड़ का बैंक लोन जुटाने की तैयारी में है। इस पैसे का इस्तेमाल देशभर में 4G कवरेज को मजबूत करने और 5G सेवाओं को आक्रामक तरीके से लॉन्च करने में किया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

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