पेट्रोल-डीजल पर बड़ा अपडेट: सरकारी तेल कंपनियों को 47 हजार करोड़ का तगड़ा नुकसान
पश्चिम एशिया में मचे घमासान और कच्चे तेल की बढ़ती आग ने भारत की दिग्गज सरकारी तेल कंपनियों की नींद उड़ा दी है। अगर आप सोच रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घट रहे, तो इसकी असली वजह सामने आ गई है। चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को करीब 47,700 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान होने का अनुमान है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आग के भाव मिल रहा है, लेकिन देश के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम उस रफ्तार से नहीं बढ़े हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा और जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों को कच्चा तेल महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है और जनता को राहत देने के चक्कर में वे इसे घाटे में बेच रही हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो HPCL को सबसे ज्यादा 17,300 करोड़ रुपये, IOCL को 17,200 करोड़ रुपये और BPCL को 13,200 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।