मोदी और ट्रंप की दोस्ती रचेगी नया इतिहास! $500 अरब के इस महाप्लान से कांप उठेंगे भारत के विरोधी

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भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों और दोनों देशों के बीच होने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि भारत आज की तारीख में दुनिया के एक बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण इलाके में स्थित है।

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खास बात यह है कि अमेरिकी राजदूत ने यह टिप्पणी भारत के पड़ोसी देशों को ध्यान में रखकर की है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

हालांकि, अपने इस पूरे बयान के दौरान अमेरिकी राजदूत ने किसी भी पड़ोसी मुल्क का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर चीन और पाकिस्तान की तरफ माना जा रहा है। यह बयान ऐसे बेहद खास समय पर आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर अंतिम दौर की हाई-लेवल चर्चाएं चल रही हैं।

पता नहीं कब किस मिजाज में जागें भारत के पड़ोसी

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट के दौरान अपनी बात रखते हुए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, “भारत दुनिया के एक ऐसे हिस्से में बसा हुआ है, जहां कदम-कदम पर चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं। उसके कुछ पड़ोसी देश काफी मुश्किल, जिद्दी और कड़े स्वभाव के हैं। वहां ऐसे लोग सत्ता में बैठे हैं जिनके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता कि वे कब किस मिजाज में जागें और अचानक से चीजें पूरी तरह बदल दें।”

पड़ोसियों की चुनौतियों का जिक्र करने के बाद उन्होंने भारत-अमेरिका की दोस्ती पर भरोसा जताते हुए आगे कहा, “लेकिन इन सबके बावजूद अमेरिका और भारत में बहुत सी चीजें एक जैसी हैं, जो दोनों देशों को आपस में जोड़ती हैं।

यही साझा मूल्य अगले कई दशकों तक हमारे द्विपक्षीय रिश्तों को बेहद मजबूत बनाए रखेंगे। आप कोई भी आधुनिक क्षेत्र चुन लीजिए, चाहे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हो, आधुनिक टेक्नोलॉजी हो या फिर एविएशन सेक्टर हो, हर जगह हमारे पास मिलकर काम करने की बहुत बड़ी और असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाले ये दो साल हमारे इस रिश्ते को एक ऐसे ऐतिहासिक रास्ते पर ले जाएंगे, जो अगले कई दशकों तक बिना रुके आगे बढ़ता रहेगा।”

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अब बिल्कुल अंतिम चरण में

इस महासम्मेलन के दौरान राजदूत गोर ने देशवासियों को एक बहुत बड़ी खुशखबरी भी दी। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अपने बिल्कुल आखिरी चरण में पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत (1%) हिस्सा ही बाकी रह गया है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि यह महासमझौता बहुत जल्द आधिकारिक रूप से अंतिम रूप ले लेगा। करीब 18 महीने (डेढ़ साल) की लंबी और सघन वार्ताओं के बाद अब यह डील पूरी होने की कगार पर है।

यूरोप को लगे थे 20 साल, भारत ने कर दिखाया कमाल

जब राजदूत गोर से पूछा गया कि इस समझौते को पूरा होने में इतना लंबा समय क्यों लग रहा है, तो उन्होंने बेहद दिलचस्प तुलना की। गोर ने कहा, “लोग अक्सर पूछते हैं कि इसमें इतना वक्त क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर लगातार काम कर रहे हैं। अगर आप तुलना करें, तो यूरोप के साथ व्यापार समझौते को अमलीजामा पहनाने में पूरे 20 वर्ष का लंबा समय लग गया था। इसलिए जब तक हम यूरोपीय समझौते से बहुत पहले इसे पूरा कर लेते हैं, तब तक हम बेहद शानदार स्थिति में हैं। हालांकि, मैं व्यक्तिगत रूप से इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।”