बिजली बिल का टेंशन हमेशा के लिए खत्म! सरकार दे रही है छप्परफाड़ सब्सिडी, घर पर लगवाएं सोलर पैनल
गर्मियों के मौसम में भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान आम जनता के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अगर आप भी हर महीने आने वाले महंगे बिजली बिल से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए अंतिम तिथि मार्च 2027 तक तय की गई है। यह महत्वपूर्ण जानकारी सासाराम (रोहतास) के विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता इंद्रदेव कुमार ने साझा की है।
अधीक्षण अभियंता ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा से जुड़ें। बिजली के भारी खर्च में बड़ी राहत देने के उद्देश्य से विभाग इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर रहा है ताकि लोग इसका फायदा उठा सकें। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर न केवल अपने बिजली बिल को नाममात्र का कर सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक मुफ्त बिजली का सुख भी ले सकते हैं।
सरकार से मिलेगी ₹78,000 तक की बंपर सब्सिडी और एक्स्ट्रा बिजली से होगी कमाईइस योजना की सबसे खास बात यह है कि केंद्र सरकार सोलर प्लांट लगाने के लिए भारी-भरकम और आकर्षक अनुदान (सब्सिडी) दे रही है, जिससे आम आदमी की जेब पर इसका आर्थिक बोझ बहुत कम हो जाएगा। इस पूरे प्लांट को लगवाने में शुरुआती खर्च 80 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक आता है।
सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल आप अपने घर के पंखे, लाइट, एसी, फ्रिज जैसे सभी घरेलू कार्यों में आसानी से कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि आपके घर में सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होती है, तो उस अतिरिक्त बिजली को आप ग्रिड (विद्युत विभाग) को वापस भेज सकते हैं।
ग्रिड में भेजी गई इस बिजली की कीमत को आपके मुख्य बिजली बिल में समायोजित (कम) कर दिया जाएगा, जिससे आपका बिल शून्य भी हो सकता है। 1 किलोवाट के लिए कितनी जगह चाहिए और कितने साल चलेगा यह पैनल?अगर आप अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगवाने की सोच रहे हैं, तो जगह को लेकर बिल्कुल परेशान न हों। तकनीकी नियमों के अनुसार, प्रति किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए केवल 100 वर्गफुट (Sq. Ft.) खुली जगह या छत की आवश्यकता होती है।
एक बार सही तरीके से इंस्टॉल होने और उचित रखरखाव के बाद ये सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक बिना किसी बड़ी खराबी के लगातार काम कर सकते हैं।
इस बेहतरीन सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपके पास अपने घर का स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन, आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक और चालू मोबाइल नंबर होना बेहद आवश्यक है।
यदि किसी उपभोक्ता को इंटरनेट की कमी या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण ऑनलाइन आवेदन करने में कोई समस्या या दिक्कत आ रही है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे अपने नजदीकी संबंधित विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय (बिजली विभाग के दफ्तर) में जाकर वहां बनाए गए ‘सुविधा काउंटर’ के माध्यम से पूरी तरह निशुल्क (फ्री) अपना आवेदन जमा करवा सकते हैं।
मिडिल क्लास परिवारों की सहूलियत के लिए सरकार इस योजना के तहत महज सात प्रतिशत (7%) की बेहद कम ब्याज दर पर दो लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध करा रही है। इस लोन की वसूली की प्रक्रिया को भी बहुत आसान रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग इस लोन को चार से पांच वर्षों में चुका सकते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को इसे चुकाने के लिए सात से आठ वर्ष का लंबा समय दिया जा रहा है।
| सोलर प्लांट की क्षमता (Capacity) | सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी राशि (Subsidy) |
| एक किलोवाट (1 kW) | ₹30,000 की सीधी छूट |
| दो किलोवाट (2 kW) | ₹60,000 की सीधी छूट |
| तीन किलोवाट या उससे अधिक (3 kW or more) | ₹78,000 की अधिकतम छूट |