केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बैंक, शेयर और इंश्योरेंस में फंसा है आपका पैसा? मोदी सरकार ने लॉन्च किया जादुई पोर्टल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत दी है। अगर आपका या आपके परिवार का कोई बैंक खाता, इंश्योरेंस क्लेम, शेयर, म्यूचुअल फंड या कोई दूसरी फाइनेंशियल प्रॉपर्टी सालों से कहीं अटकी पड़ी है, तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार ने एक ऐसा रास्ता निकाल लिया है जिससे इन बिना दावे वाली संपत्तियों की जानकारी पाना अब बच्चों का खेल हो गया है।
आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने इसके लिए एक बेहद खास और नया ऑनलाइन पोर्टल https://www.unclaimedassetsportal.in
अक्सर देखा जाता है कि लोग अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते हैं या इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं, लेकिन वक्त के साथ उनके बारे में भूल जाते हैं। कई बार खाताधारक की अचानक मौत होने, घर का पता बदलने या जरूरी कागजात खो जाने की वजह से परिवार के लोगों को भी इस पैसे की भनक नहीं लग पाती। सरकार की इस नई व्यवस्था का सीधा मकसद ऐसे ही लोगों को उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई से दोबारा जोड़ना है।
जानिए किस-किस पैसे का लगा सकेंगे पता?इस नई ऑनलाइन सुविधा के जरिए आप सिर्फ बैंक में जमा अनक्लेम्ड पैसा ही नहीं, बल्कि कई और चीजें भी ढूंढ पाएंगे। इसमें आपके पुराने बीमा दावे, शेयरों से जुड़ी रकम, डिविडेंड (लाभांश) और म्यूचुअल फंड निवेश जैसी तमाम संपत्तियों की पूरी डिटेल आसानी से मिल जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से देश के करोड़ों रुपये, जो सालों से लावारिस पड़े हैं, उनके असली हकदारों तक सुरक्षित पहुंच सकेंगे।
अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, प्रक्रिया हुई बेहद आसानवित्तीय सेवा विभाग ने साफ किया है कि इस नए सिस्टम को आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर बेहद आसान बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब आपको अपने ही पैसों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सब कुछ ऑनलाइन होने से यह प्रोसेस बहुत तेज, आसान और पारदर्शी हो गया है, जिससे लोगों का कीमती समय भी बचेगा।
‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ के तहत बड़ी मुहिमसरकार की यह शानदार पहल असल में ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान का एक बड़ा हिस्सा है। इस खास अभियान को चलाने के पीछे केंद्र सरकार का एकमात्र मकसद लोगों को उनकी फाइनेंशियल प्रॉपर्टीज के प्रति जागरूक करना है। सरकार चाहती है कि देश के एक-एक नागरिक को उसकी मेहनत की कमाई का हकदार बनाया जाए और बिना दावे वाली राशि को सही मालिक तक पहुंचाया जा सके।