सावधान! एलपीजी और पीएनजी ग्राहकों के लिए सरकार का नया फरमान, 90 दिनों में निपटाएं ये काम वरना कटेगा कनेक्शन
अगर आपके घर में भी रसोई गैस का इस्तेमाल होता है, तो यह खबर सीधे तौर पर आपकी जेब और रसोई से जुड़ी है. देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के गलत इस्तेमाल को पूरी तरह रोकने और हर कोने में साफ-सुथरे ईंधन का सही व पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार और देश की प्रमुख तेल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने अपने नियमों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया है.
केंद्र सरकार अब पूरे देश में ‘एक घर, एक गैस कनेक्शन’ की नीति को बेहद सख्ती से लागू करने जा रही है.
सरकार और सरकारी तेल कंपनियों का मुख्य मकसद गैस सिलेंडरों की बाजार में होने वाली कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और इसके गलत इस्तेमाल पर पूरी तरह से लगाम लगाना है.
इस नई नीति के तहत अब एक ही पते पर या एक ही परिवार के नाम पर (राशन कार्ड या आपके रजिस्टर्ड पते के आधार पर) एक से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन रखना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.यह सख्त कदम सरकार ने इसलिए उठाया है क्योंकि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि एक ही घर में कई कनेक्शन होने का फायदा उठाकर लोग घरेलू सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर रहे हैं और कमर्शियल (व्यावसायिक) जगहों पर सस्ते घरेलू सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इस नए नियम से अब केवल वास्तविक उपभोक्ताओं को ही गैस का लाभ मिल सकेगा.
सरकार ने अब पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) और एलपीजी (LPG) सिलेंडर, दोनों का एक साथ इस्तेमाल करने वाले शहरी और ग्रामीण ग्राहकों के लिए एक कड़ा शेड्यूल तय कर दिया है. नए नियमों के मुताबिक, अगर आपके घर में पाइप वाला नया पीएनजी कनेक्शन चालू (एक्टिव) हो गया है, तो आपको अगले 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा या फिर उसे तेल कंपनी के पास होल्ड पर रखना होगा.
इसके साथ ही, पीएनजी कनेक्शन चालू होने के अधिकतम 90 दिनों (3 महीने) के भीतर आपको अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को सेटल या सरेंडर करने की कागजी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा करना बेहद जरूरी है.
यह कोई पहली बार नहीं है जब सरकार ने रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर इतना सख्त और आक्रामक रुख अपनाया है; इससे पहले भी सिलेंडर बुकिंग के समय को रेगुलेट करने के लिए कई कड़े नियम बनाए जा चुके हैं. शुरुआती नियमों के तहत कोई भी ग्राहक पहला सिलेंडर डिलीवर होने के 25 दिनों के भीतर दूसरा सिलेंडर (रिफिल) बुक नहीं कर सकता था.
इसके अलावा, देश के सभी नागरिकों तक सब्सिडी वाले सिलेंडरों का समान वितरण सुनिश्चित करने और त्योहारों के सीजन में गैस की अचानक होने वाली किल्लत को रोकने के लिए, दो सिलेंडरों की डिलीवरी के बीच कम से कम 45 दिनों का एक अनिवार्य अंतर (गैप) रखने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से चर्चा की जा चुकी है.
नियमों का उल्लंघन किया तो ब्लॉक हो सकता है कनेक्शन, रुक जाएगी सब्सिडीजो ग्राहक तेल कंपनियों के इन नए नियमों और समय-सीमाओं को हल्के में ले रहे हैं, उन्हें आने वाले दिनों में बेहद गंभीर आर्थिक और कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ सकता है.