किसानों के क्रेडिट कार्ड लोन पर सरकार और बैंकों में बड़ी हलचल, जानिए क्या पड़ेगा असर
Kisan Credit Card Interest Subsidy: केंद्र सरकार बैंकों के साथ मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन पर मिलने वाली ब्याज सब्सिडी दर को 50 बेसिस पॉइंट कम करने पर गंभीरता से बातचीत कर रही है। इस संभावित बदलाव की मुख्य वजह देश में पॉलिसी दरों में आई लगातार कमी है। फरवरी 2025 से, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को धीरे-धीरे 125 बेसिस पॉइंट तक घटाकर 5.25 फीसदी पर ला दिया है। (बता दें कि एक बेसिस पॉइंट, फीसदी पॉइंट का सौवां हिस्सा होता है)। सरकार चाहती है कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ‘मॉडिफाइड इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम’ (MISS-KCC) के तहत मिलने वाले ब्याज लाभ में भी इन कम पॉलिसी दरों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
फिलहाल सरकार बैंकों को 1.5 फीसदी का ब्याज अनुदान या वित्तीय सब्सिडी मुहैया कराती है, ताकि बैंक किसानों को 3 लाख रुपये तक का शॉर्ट-टर्म KCC लोन 7 फीसदी की सस्ती ब्याज दर पर दे सकें। सरकार इस संबंध में बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत कर रही है और MISS-KCC स्कीम को साल 2031-32 तक बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।
साल 2031 तक बढ़ाई जा सकती है स्कीम