सीएम योगी का बड़ा ऐलान: आज 9 लाख किसानों के खातों में आएंगे 483 करोड़, झटपट चेक करें अपना नाम

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 483 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर करेंगे। यह पैसा कृषि निवेश अनुदान के रूप में सीधे किसानों के खातों में भेजा जा रहा है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

गोरखपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम

प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलने वाला है।

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डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाने वाली इस कृषि निवेश अनुदान राशि के वितरण के लिए सोमवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बाढ़ और आंधी-पानी के कारण जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनके लिए यह आर्थिक मदद किसी बड़े सहारे से कम नहीं है।

प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को भारी नुकसान

पिछले डेढ़ महीने के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, चक्रवात और बाढ़ की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

सितंबर के महीने के आखिरी हफ्ते में आए ‘अर्नव’ चक्रवात ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लेकर 9 अक्टूबर तक कुल 9 लाख 18 हजार 91 ऐसे किसानों की पहचान की गई है, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं में क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ का संकट टलते ही योगी सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी कर दी है।

एक लाख से ज्यादा किसानों को पहले ही मिल चुका है पैसा

राहत आयुक्त डॉ. हरिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का शुरुआती आकलन करते हुए पहले ही 169 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि जिलों को भेजी जा चुकी है।

अब तक राज्य के 1 लाख 29 हजार 326 किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के रूप में 78.75 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके अलावा, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में प्रभावित परिवारों के बीच कुल 225.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी बांटी जा चुकी है।

किसानों के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर-अक्टूबर में आए चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान किसानों के खेतों और निजी जमीनों पर बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की घटनाओं को काफी गंभीरता से लिया है।

सीएम ने वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिए हैं कि किसानों की ओर से मिलने वाले आवेदनों पर बिना किसी देरी के नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

लकड़ी के परिवहन और सड़कों से पेड़ हटाने के निर्देश

प्रभावित किसानों को राहत देने और गिरे पेड़ों का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) और वन निगम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। किसानों को अपनी भूमि पर गिरे पेड़ों की लकड़ी के परिवहन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर ट्रांजिट परमिट जारी किए जाएंगे।

इसके साथ ही, तेज आंधी के कारण सड़कों पर गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।