EPFO Big Update: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! बदल गए पीएफ निकासी और ट्रांसफर के ये 5 नियम

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अगर आप भी नौकरीपेशा हैं और आपका पीएफ (PF) कटता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इस साल कई बड़े और महत्वपूर्ण अपडेट्स पेश किए हैं, जो सीधे तौर पर सैलरीड कर्मचारियों को प्रभावित करते हैं। ये सारे बदलाव पीएफ का पैसा निकालने, नौकरी बदलने पर खाता ट्रांसफर करने और अन्य डिजिटल सेवाओं को बेहद आसान बनाने के लिए किए गए हैं। आइए जानते हैं उन 5 जरूरी बदलावों के बारे में, जिनके बारे में हर पीएफ मेंबर को पता होना चाहिए।

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ऑटो-सेटलमेंट और फाइनल विदड्रॉल की नई सुविधा

ईपीएफओ अब अपनी ऑटो-सेटलमेंट प्रोसेस का दायरा बढ़ाने जा रहा है, जिसमें अब अंतिम पीएफ निकासी (Final PF Withdrawal) की प्रक्रिया को भी शामिल करने की योजना है। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति के अनुसार, अभी तक केवल 5 लाख रुपये तक के एडवांस पीएफ दावे ही ऑटो-सेटलमेंट के जरिए प्रोसेस होते थे, लेकिन अब इस सुविधा को फाइनल विदड्रॉल पर भी लागू किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को बिना किसी झंझट के बेहद तेज और आसान प्रक्रिया का लाभ मिलेगा।

यूएएन एक्टिवेशन और उमंग ऐप का नया नियम

अब नए या मौजूदा ईपीएफओ सदस्य यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) ना तो खुद एक्टिवेट कर पाएंगे और ना ही नया जेनरेट कर पाएंगे। सुरक्षा और डिजिटल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इन दोनों सेवाओं को अब ‘उमंग ऐप’ (UMANG App) पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके लिए अब आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन का होना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि ऑनलाइन सेवाएं और ज्यादा तेज और सुरक्षित हो सकें।

नौकरी बदलने पर अब ऑटोमैटिक ट्रांसफर होगा पीएफ

पहले नौकरी बदलने पर पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए पुराने और नएEmployers के साथ-साथ EPFO दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे और लंबी कागजी कार्रवाई करनी होती थी। लेकिन अब ईपीएफओ की वेबसाइट के मुताबिक, आधार-लिंक्ड और केवाईसी-कंप्लायंट यूएएन धारकों के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो गई है। इसका मतलब है कि अब आपको अलग से कोई ट्रांसफर एप्लीकेशन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्लेम सेटलमेंट के लिए सख्त समय-सीमा और ब्याज का नियम

ईपीएफओ ने यह उम्मीद जताई है कि अब अधिकांश नए पीएफ निकासी दावों का निपटारा उसी दिन या अधिकतम दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, पेंशन दावों के प्रोसेसिंग के लिए 20 दिन की एक सख्त समय-सीमा तय की गई है। यदि ईपीएफओ बिना किसी वैध कारण के तय समय में क्लेम का निपटारा नहीं करता है, तो देरी से मिलने वाली राशि पर 12% वार्षिक ब्याज देना होगा, जिसे सीधे जिम्मेदार आयुक्त से वसूला जा सकता है।

यूपीआई और भीम ऐप के जरिए सीधा पैसा ट्रांसफर

कर्मचारियों की सुविधा को और बढ़ाने के लिए जल्द ही भीम ऐप (BHIM App) के जरिए पीएफ दावों के निपटारे की शानदार सुविधा शुरू होने वाली है। इसके तहत पीएफ क्लेम का पैसा सीधे सदस्यों के यूपीआई-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जाएगा।

इस कदम से पीएफ का पैसा निकालना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पलक झपकते होने वाला काम बन जाएगा।