योगी सरकार का अल्टीमेटम: श्रमिकों का हक मारा तो खैर नहीं, सीएम बोले- 'काम का दाम नहीं दिया तो होगा काम तमाम'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रमवीर गौरव समारोह’ के दौरान राज्य के करोड़ों श्रमिकों के हित में अब तक की सबसे बड़ी हुंकार भरी है। सीएम योगी ने नियोक्ताओं और उद्योगपतियों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि श्रमिकों के पसीने की कीमत हर हाल में चुकानी होगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जो भी संस्थान या मालिक कामगारों को उनके काम का उचित दाम नहीं देगा, सरकार उसका ‘काम तमाम’ करने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश की तरक्की और औद्योगिक शांति तभी मुमकिन है जब मजदूर और मालिक के बीच तालमेल हो। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि श्रमिकों को न केवल उनके काम का सही पैसा मिले, बल्कि उन्हें समाज में पूरा सम्मान भी दिया जाए।
करोड़ों श्रमिकों को 5 लाख का स्वास्थ्य कवचमई दिवस के खास मौके पर सीएम योगी ने प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के लिए सरकारी खजाना खोल दिया।
उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब यूपी के 15.83 करोड़ श्रमिक परिवारों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना का सीधा लाभ करीब 80 लाख लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि अब प्रदेश में कोई भी मजदूर इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा, सरकार उनके स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर में बनेंगे अत्याधुनिक अस्पतालश्रमिकों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार बड़े अस्पतालों का जाल बिछाने जा रही है। सीएम ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में सात एकड़ जमीन पर 300 बेड वाला विशाल ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल बनेगा।
मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सीएम योगी ने श्रम विभाग को जल्द से जल्द नया ‘वेज बोर्ड’ गठित करने का आदेश दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही वेज बोर्ड की रिपोर्ट आएगी, सरकार सभी श्रमिकों के लिए एक ऐसा आर्थिक पैकेज लागू करेगी जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए आवास और भोजन की समस्या को दूर करने के लिए भी मास्टर प्लान तैयार है। औद्योगिक क्षेत्रों के पास अब सस्ते ‘डॉरमेट्री’ (रैन बसेरे) और किफायती कैंटीन बनाई जाएंगी। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग जमीन देगा और आवास विभाग अपनी नीतियों में बदलाव करेगा ताकि मजदूरों को उनके कार्यस्थल के पास ही रहने की सस्ती जगह मिल सके।
मजदूरों के बच्चों को अफसर और इंजीनियर बनाने के सपने को पंख देते हुए सीएम ने जेवर में ‘मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय’ का शिलान्यास किया। यह स्कूल ‘अटल आवासीय विद्यालयों’ की तरह हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा। अंत में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने साफ कहा कि जब प्रदेश में औद्योगिक शांति रहेगी, तभी श्रमिकों के घरों में खुशहाली और तरक्की आएगी।