केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! DA मर्जर और सैलरी हाइक को लेकर हुआ बड़ा ऐलान
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) किसी बड़े जैकपॉट से कम साबित नहीं होने वाला है। इस आयोग के गठन को अब 9 महीने का वक्त बीत चुका है, और आयोग के पास अपनी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए अब सिर्फ 8 महीने का समय ही बाकी बचा है। रिपोर्ट तैयार करने की इस उल्टी गिनती के बीच ‘भारत पेंशनर्स समाज’ (BPS) ने सरकार और आयोग के सामने अपनी मांगों का बड़ा पिटारा खोल दिया है।
कर्मचारियों की सैलरी तय करने में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की होती है। भारत पेंशनर्स समाज ने आयोग से पुरजोर मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर सीधा 3.83 कर दिया जाए।
मौजूदा नियमों के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को साल में सिर्फ दो बार महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) का लाभ मिलता है।
बुजुर्ग पेंशनर्स पर महंगाई का सबसे ज्यादा और गहरा असर पड़ता है। मेडिकल खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संगठन ने न्यूनतम पेंशन की सीमा को बढ़ाने पर जोर दिया है। बीपीएस ने साफ कहा है कि रिटायरमेंट के बाद एक सम्मानजनक और सुकून भरा जीवन जीने के लिए कम से कम 45,000 रुपये की मासिक पेंशन तय की जानी चाहिए, जिससे लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को बुढ़ापे में आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, आर्थिक मांगों के साथ-साथ संगठन ने पारिवारिक ढांचे को लेकर भी एक अहम प्रस्ताव रखा है।
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपना काम पूरा करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। चूंकि वेतन आयोग हर 10 साल में एक बार आता है, इसलिए कर्मचारी यूनियनें इस बार अपनी सभी अहम मांगों को रिपोर्ट में शामिल कराने के लिए सरकार पर पूरा दबाव बना रही हैं।
- 8वें वेतन आयोग का गठन कब हुआ था और इसकी रिपोर्ट कब आएगी? 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग के पास रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय है, यानी मई 2027 तक इसकी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।
- फिटमेंट फैक्टर 3.83 होने से सैलरी में कितना इजाफा होगा? फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू होने पर कर्मचारियों की वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 69,000 रुपये हो जाएगी।