सोने-चांदी की कीमतों में आया भयंकर भूचाल! 2 दिन की मंदी के बाद अचानक इतने हजार रुपये महंगे हुए दाम
नई दिल्ली: सोने और चांदी के खरीदारों और निवेशकों के लिए सप्ताह के पहले ही दिन बाजार से एक बहुत ही बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सर्राफा बाजार में पिछले दो दिनों से जारी लगातार गिरावट पर सोमवार को अचानक ब्रेक लग गया और कीमतों में जबरदस्त तेजी का रुख देखा गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर हफ्ते के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत होते ही दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों ने आसमान छूना शुरू कर दिया, जिससे निवेशकों के चेहरे पर एक बार फिर बड़ी रौनक लौट आई है।
इस जोरदार तेजी के चलते सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम करीब 800 रुपये की भारी बढ़त देखी गई है। अगर आंकड़ों की बात करें तो सोमवार सुबह 9:40 बजे के करीब एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 522 रुपये की शानदार तेजी के साथ 1,47,725 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में तो इससे भी कहीं अधिक भयंकर तेजी दर्ज की गई है। चांदी के भाव में प्रति किलो करीब 4000 रुपये का जोरदार उछाल आया है। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी सुबह के शुरुआती कारोबार में ही 1,914 रुपये की मजबूती के साथ 2,35,099 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई थी।
अंतरराष्ट्रीय कारणों से सर्राफा बाजार में आया भूचालबाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे वैश्विक यानी अंतरराष्ट्रीय कारकों का बहुत बड़ा हाथ है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी नरमी ने इस वक्त सर्राफा बाजार को बूस्ट करने का काम किया है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में प्रगति के कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे वैश्विक अनिश्चितता थोड़ी कम हुई है। इसी के असर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) 0.9% की बढ़त के साथ 4,197.41 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा, जबकि चांदी की वैश्विक कीमतें भी 1.8% की छलांग लगाकर 66.10 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गईं।
भले ही सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों ने लंबी छलांग लगाई हो, लेकिन कमोडिटी बाजार के दिग्गजों का मानना है कि सोने की लंबी अवधि की चाल पर अभी भी चौतरफा दबाव बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के सख्त रुख और आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होने की आशंकाओं के चलते बड़े निवेशक फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आगामी दिसंबर महीने में ब्याज दर बढ़ने की संभावना अब 89% तक पहुंच चुकी है, जो सोने जैसी गैर-यील्ड (बिना ब्याज वाली) संपत्तियों में निवेश के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है।