दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रास्ते पर अब चलेगा ईरान का राज! तय किया टोल रेट, हर दिन होगी अरबों की कमाई
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर चल रहा बड़ा गतिरोध अब खत्म होता नजर आ रहा है. ईरान ने अमेरिका को पूरी तरह साफ कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर एक कमर्शियल जहाज से टोल यानी टैक्स वसूलेगा.
इस बैठक के आखिरी वक्त तक अमेरिका ने ईरान से इस टोल योजना को ठंडे बस्ते में डालने की काफी ज्यादा मिन्नतें और अपील की थीं. इसके लिए अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को कई तरह के बड़े प्रलोभन और ऑफर्स भी दिए, लेकिन ईरान अपने इस ऐतिहासिक और बड़े फैसले से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटा.
अमेरिका के अरबों डॉलर के ऑफर को ईरान ने ठुकराया‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर ने इस बैठक में ईरान को टोल न वसूलने के लिए मनाने की पूरी कोशिश की थी.
उन्होंने ईरान के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा था कि अगर वे जहाजों से टोल नहीं लेते हैं, तो अमेरिका द्वारा जब्त किए गए ईरान के सारे पैसे उन्हें तुरंत कैश में वापस लौटा दिए जाएंगे. हालांकि, ईरान इस भारी-भरकम वित्तीय प्रलोभन के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलने के अपने मुख्य फैसले पर पूरी तरह से अटल और अडिग रहा. ईरान ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि वह पनामा नहर की तरह ही इस अहम वैश्विक व्यापारिक रास्ते पर अपना पूरा संप्रभु अधिकार मानते हुए टोल टैक्स लेकर रहेगा.टोल वसूली का पूरा गणित और ईरान की रोजाना की कमाईमिडिल ईस्ट में जंग और तनाव शुरू होने से पहले होर्मुज के इस अहम रास्ते से हर दिन बिना किसी रुकावट के 120 मालवाहक जहाज अपनी मंजिल की ओर सुरक्षित गुजरते थे. ईरान को अब पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में पूरी तरह शांति स्थापित होने के बाद फिर से इस रूट से रोजाना 120 जहाज आसानी से गुजरने लगेंगे. ईरान ने इन्हीं 120 जहाजों की संभावित संख्या को विशेष ध्यान में रखते हुए ही सालाना 43 अरब डॉलर की कमाई का यह बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. खास बात यह है कि ईरान की तरफ से होने वाली इस भारी-भरकम कमाई का कुछ हिस्सा उसके पड़ोसी देश ओमान को भी निश्चित रूप से दिया जाएगा.
ईरान होर्मुज के रास्ते से गुजरने वाले सभी विदेशी जहाजों पर जो भारी टोल वसूलेगा, उसके लिए उसने अमेरिकी डॉलर को पूरी तरह दरकिनार करने का मन बना लिया है. ईरान यह टैक्स सिर्फ चीनी युआन या रूसी रूबल करेंसी में ही लेना चाहता है. हाल के दिनों में पड़ोसी देश ओमान ने इस टोल के गंभीर गतिरोध को शांतिपूर्ण ढंग से खत्म करने के लिए ईरान को एक बीच का रास्ता सुझाया था.
ओमान ने अपने इस शांति प्रस्ताव में कहा था कि ईरान पर्यावरण शुल्क (Environmental Fee) के नाम पर यह टोल जरूर वसूले, लेकिन इसकी पूरी कमान और व्यवस्था किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र वैश्विक एजेंसी को सौंप दे.