फिटमेंट फैक्टर या 5 सदस्यों का नया फॉर्मूला… किस आधार पर बढ़ेगी आपकी सैलरी? 8वें वेतन आयोग को लेकर आया सबसे बड़ा अपडेट

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8th Pay Commission Salary Calculation Formula: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल अब बहुत ज्यादा तेज हो गई है। हर गुजरते दिन के साथ नए-नए अपडेट सामने आ रहे हैं, लेकिन इस समय गलियारों में सबसे बड़ी और गर्म चर्चा इस बात को लेकर है कि कर्मचारियों की नई सैलरी का अंतिम आधार आखिर क्या होने वाला है।

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क्या यह हमेशा की तरह सिर्फ ‘फिटमेंट फैक्टर’ से ही तय की जाएगी, या फिर कर्मचारी संगठनों द्वारा सुझाया गया ‘5-सदस्यीय परिवार’ का नया फॉर्मूला इस बार बड़ा गेम चेंजर साबित होने जा रहा है?

विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) तय करने के पुराने और पारंपरिक ‘3-यूनिट परिवार मॉडल’ को हमेशा के लिए बदलने की एक बहुत बड़ी मांग रख दी है। नए प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 5-यूनिट करने की वकालत की गई है। अगर केंद्र सरकार इस नए और अनोखे प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक ऐसी ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी जो आज तक कभी नहीं हुई।

आइए इस पूरे नए और पुराने गणित को बहुत ही आसान शब्दों में विस्तार से समझते हैं।

आखिर क्या है यह पुराना 3-यूनिट फॉर्मूला और कैसे तय होती थी सैलरी?

मौजूदा समय में सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी जिस व्यवस्था या फॉर्मूले से तय की जा रही है, उसे तकनीकी और प्रशासनिक भाषा में 3-यूनिट परिवार मॉडल (3-Unit Family Model) कहा जाता है। पिछले 7वें वेतन आयोग के दौरान इसी 3-यूनिट के आधार पर देश के केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये तय की गई थी।

इस पुराने मॉडल में सीधे तौर पर यह मानकर चला जाता है कि एक सामान्य परिवार में कुल 3 यूनिट होती हैं—जिसमें पहला खुद सरकारी कर्मचारी, दूसरा उसका जीवनसाथी (पति या पत्नी) और तीसरी यूनिट में उसके दो बच्चे शामिल होते हैं।

इसके बाद ही इस तय न्यूनतम बेसिक पे पर महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) समेत अन्य तमाम भत्तों को जोड़ा जाता है और तब जाकर कर्मचारी की आखिरी टेक-होम सैलरी (इन-हैंड सैलरी) तैयार होती है।

5 सदस्यों का नया प्रस्ताव कैसे पूरी तरह बदल देगा आपकी किस्मत?

बदलते समय के साथ-साथ आज के दौर में महंगाई, परिवार की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के खर्चे बहुत तेजी से बढ़े हैं। इसी जमीनी हकीकत को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठन ‘नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी’ (NC-JCM) ने वेतन तय करने के इस पुराने ढर्रे को बदलने की पुरजोर वकालत की है।

संगठनों का इसके पीछे बड़ा ही स्पष्ट और मजबूत तर्क है कि आज के आधुनिक दौर में कर्मचारियों के ऊपर सिर्फ उनके बच्चों की ही नहीं, बल्कि उनके बूढ़े और बुजुर्ग माता-पिता की देखरेख की भी पूरी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी होती है।

इसलिए संगठनों का कहना है कि वेतन आयोग के नए मॉडल में कर्मचारी, उसकी पत्नी और दो बच्चों के साथ-साथ घर के आश्रित माता-पिता को भी अनिवार्य रूप से एक अलग इकाई (यूनिट) माना जाना चाहिए। यानी कुल मिलाकर परिवार को 3 के बजाय 5-यूनिट का मानकर ही भविष्य की सैलरी का नया और मजबूत ढांचा तैयार किया जाए, ताकि माता-पिता के इलाज और भरण-पोषण का खर्च भी इसमें शामिल हो सके।

नए फॉर्मूले से सैलरी में दिखेगा कितना तगड़ा और बंपर उछाल?

सरकारी कर्मचारियों के वेतन में होने वाली बढ़ोतरी का अंतिम और वास्तविक पैमाना हमेशा ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) ही होता है। यह दरअसल वह गुणक या मल्टीप्लायर होता है जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक पे निकाली जाती है। पिछले 7वें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। नए वेतन आयोग को लेकर पहले शुरुआती दौर में 2.1 से लेकर 2.86 तक के फिटमेंट फैक्टर की चर्चाएं बाजार में चल रही थीं। लेकिन, जैसे ही यूनियनों ने 5-यूनिट मॉडल की मांग को सामने रखा, उसके साथ ही कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को सीधे बढ़ाकर 3.83 करने की कड़ी मांग रख दी है।

अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की इस 5-यूनिट मॉडल वाली बात और इस ऊंचे फिटमेंट फैक्टर (3.83) को अपनी अंतिम मंजूरी दे देती है, तो एक बहुत बड़ा चमत्कार होगा। इसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये के मौजूदा स्तर से सीधे छलांग लगाकर करीब 69,000 रुपये प्रति माह के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है। इस बड़े बदलाव का सबसे सीधा और बंपर असर एंट्री लेवल (शुरुआती स्तर) के कर्मचारियों पर देखने को मिलेगा। जब इस नई ₹69,000 की बेसिक पे में नया महंगाई भत्ता (DA) और बढ़ा हुआ मकान किराया भत्ता (HRA) जोड़ा जाएगा, तो एक शुरुआती स्तर के कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी लगभग 1.24 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।