गैस सिलेंडर के लिए मचेगी हाहाकार? 76 एजेंसियां रातों-रात, सस्पेंड कहीं आपकी एजेंसी भी तो शामिल नहीं?
नई दिल्ली: देश में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी सुजाता शर्मा ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार हर घर तक सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए ‘युद्धस्तर’ पर काम कर रही है। वहीं, संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाली एजेंसियों पर सरकार ने अपना डंडा चला दिया है।
सरकार ने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले तीन दिनों के भीतर देशभर में 1 करोड़ 14 लाख बुकिंग हुई थी, जिसके मुकाबले रिकॉर्ड 1 करोड़ 26 लाख घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए हैं। यह अतिरिक्त डिलीवरी इसलिए की गई है ताकि पिछला सारा बैकलाग खत्म किया जा सके। इसके अलावा कमर्शियल गैस की मांग को पूरा करने के लिए भी 17 हजार टन की सप्लाई की गई है। सरकार का दावा है कि किसी भी गैस एजेंसी पर ‘स्टॉक खत्म’ होने की नौबत नहीं आने दी जाएगी क्योंकि रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
छोटे सिलेंडर और PNG का जलवाएलपीजी के बोझ को कम करने के लिए सरकार अब वैकल्पिक रास्तों पर जोर दे रही है। पिछले तीन दिनों में 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की रिकॉर्ड 1.40 लाख बिक्री हुई है, जिसके लिए तेल कंपनियां जगह-जगह कैंप लगा रही हैं। वहीं पाइप वाली गैस (PNG) का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा है। अब तक 6.75 लाख नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि पीएनजी की सुविधा मिलते ही 52 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर कर दिया है।
गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं: 1500 छापेमारीप्रेस ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील को भी दोहराया गया जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की बात कही थी।