ITR फाइलिंग के फायदे: टैक्स जीरो होने पर भी क्यों भरें रिटर्न? जानें 5 बड़े कारण

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वित्त वर्ष 2025-26 में लाखों भारतीय ऐसे होंगे जिनकी टैक्स देनदारी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। सेक्शन 87A की छूट और नई टैक्स व्यवस्था के तहत 7 लाख रुपये तक की आय पर रिबेट मिलने से कई लोगों का टैक्स ‘नील’ यानी शून्य हो जाता है। ऐसे में एक बड़ा सवाल मन में आता है— जब सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना, तो आखिर क्यों बेकार में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सिरदर्द मोल लिया जाए?

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लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों की मानें तो ‘नील ITR’ यानी जीरो टैक्स वाला रिटर्न भरना न केवल समझदारी है, बल्कि यह आपके भविष्य के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच जैसा है। यह सिर्फ टैक्स जमा करने का जरिया नहीं, बल्कि आपकी कमाई का एक आधिकारिक सरकारी प्रमाण-पत्र है। जो लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, वे लोन से लेकर विदेश यात्रा तक के सुनहरे मौकों को हाथ से गंवा सकते हैं।

आपकी कमाई का सरकारी ‘सर्टिफिकेट’ है ITR

आईटीआर आपकी सालाना आय का सबसे पारदर्शी सरकारी रिकॉर्ड होता है।

अक्सर फ्रीलांसर्स, पार्ट-टाइम काम करने वाले युवा या घर से छोटा-मोटा काम करने वाली महिलाएं अपनी आय साबित करने के लिए परेशान रहती हैं। जब आप ‘नील ITR’ फाइल करते हैं, तो आयकर विभाग के पास आपकी वित्तीय प्रोफाइल दर्ज हो जाती है। यह दस्तावेज आपको आर्थिक रूप से एक विश्वसनीय नागरिक के रूप में पहचान दिलाता है।

फंसा हुआ पैसा वापस पाने का इकलौता रास्ता

क्या आप जानते हैं कि कई बार आपकी आय टैक्स स्लैब से कम होने के बावजूद बैंक आपकी एफडी (FD) या बचत खाते के ब्याज पर टीडीएस (TDS) काट लेते हैं? वित्त वर्ष 2025-26 के डिजिटल बैंकिंग सिस्टम में ऑटोमेटेड टीडीएस कटौती बहुत आम है।

यह कटा हुआ पैसा सरकार के पास फंसा रह जाता है। अगर आप ITR फाइल करते हैं, तो रिफंड की प्रक्रिया के जरिए यह पैसा सीधे आपके खाते में वापस आ जाता है। कभी-कभी यह छोटी सी मेहनत आपको साल के 5 से 10 हजार रुपये तक बचा कर दे सकती है।

होम लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए ‘ग्रीन सिग्नल’

अगर आप भविष्य में अपना घर या कार खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो बैंक आपसे सबसे पहले पिछले 2-3 सालों का ITR मांगेंगे। भले ही आपका टैक्स जीरो हो, लेकिन ITR यह साबित करता है कि आपकी आय स्थिर है और आप वित्तीय रूप से अनुशासित हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से ITR फाइल करने वालों का सिबिल (CIBIL) स्कोर बेहतर होता है और उन्हें लोन पर कम ब्याज दरें मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। वहीं, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या प्रीमियम कार्ड लेने में भी यह बेहद मददगार होता है।

वीजा और सरकारी योजनाओं में बड़ी मदद

क्या आप विदेश में पढ़ाई करने या घूमने का मन बना रहे हैं? अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा जैसे देशों का वीजा हासिल करने के लिए 3 से 5 साल का ITR एक अनिवार्य दस्तावेज है। बिना ITR के वीजा रिजेक्शन की संभावना 50% से अधिक हो जाती है, क्योंकि एम्बेसी आपकी आर्थिक स्थिति को परखना चाहती है।

इसके अलावा, सरकारी स्कॉलरशिप या प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी सब्सिडी वाली योजनाओं में भी वेरिफिकेशन के लिए ITR को एक पुख्ता दस्तावेज माना जाता है।

शेयर बाजार के नुकसान की भरपाई का मौका

अगर आपको शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में नुकसान हुआ है, तो ITR उसे दर्ज करने का सुनहरा मौका देता है। आप अपने बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले 8 सालों तक ‘कैरी फॉरवर्ड’ कर सकते हैं। यानी अगले साल जब आपको मुनाफा होगा, तो आप पिछले नुकसान को उससे घटाकर टैक्स बचा सकते हैं। खासकर F&O (फ्यूचर एंड ऑप्शंस) ट्रेडर्स के लिए समय पर ITR भरना कानूनन जरूरी है, वरना वे अपने घाटे को सेट-ऑफ नहीं कर पाएंगे।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां पैन और आधार आपस में जुड़े हैं, आयकर विभाग आपके हर बड़े लेनदेन पर नजर रखता है। ऐसे में ‘नील ITR’ फाइल करना आपको किसी भी कानूनी नोटिस या जांच के डर से सुरक्षित रखता है। याद रखें, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। तो देर किस बात की, अपनी वित्तीय मजबूती के लिए आज ही तैयारी शुरू करें।